यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव का प्रकोप, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जनजीवन बेहाल, दर्जनों लोगों की मौत
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव ने तबाही मचा दी है। फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, बिजली संकट, स्कूल बंद और गर्मी से कई मौतों की खबरें सामने आई हैं।;
पेरिस। पश्चिमी यूरोप इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। ‘ओमेगा ब्लॉक’ नामक दुर्लभ मौसमीय प्रणाली के कारण कई देशों में तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि कई देशों में स्कूल बंद करने पड़े हैं, बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है और गर्मी से जुड़ी घटनाओं में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में कई नए तापमान रिकॉर्ड भी टूट सकते हैं।
फ्रांस और ब्रिटेन में गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड
फ्रांस में मंगलवार को पिछले लगभग 80 वर्षों का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। दक्षिण-पश्चिमी शहर पिसोस में तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। वहीं ब्रिटेन में भी जून महीने के इतिहास का सबसे गर्म दिन दर्ज होने की आशंका जताई जा रही है।
ब्रिटेन के मौसम विभाग ने गंभीर गर्मी को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है। इतिहास में दूसरी बार इतनी उच्च श्रेणी का हीट अलर्ट जारी किया गया है। बढ़ते तापमान के कारण कई स्कूलों को बंद करना पड़ा, जबकि कुछ स्थानों पर समय से पहले छुट्टी घोषित की गई।
बिजली संकट और परमाणु संयंत्रों पर असर
भीषण गर्मी का असर ऊर्जा क्षेत्र पर भी दिखाई दे रहा है। फ्रांस के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र ब्रिटनी में बिजली कटौती के कारण हजारों घर अंधेरे में डूब गए।
गर्मी के कारण फ्रांस के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों को भी उत्पादन में लगभग सात प्रतिशत की कटौती करनी पड़ी है। विशेषज्ञों के अनुसार, संयंत्रों के शीतलन के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण यह कदम उठाया गया। इससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
इटली और स्पेन में भी हालात गंभीर
इटली के स्वास्थ्य मंत्रालय ने फ्लोरेंस, मिलान, रोम, ट्यूरिन और वेरोना सहित 16 प्रमुख शहरों में उच्चतम स्तर का हीट अलर्ट जारी किया है। इन शहरों में लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
स्पेन में भी कई दिनों से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। वहां हीटस्ट्रोक के कारण दो बुजुर्गों की मौत की पुष्टि हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ी चुनौती बन रही है।
गर्मी से मौतें और कृषि को भारी नुकसान
फ्रांस में गर्मी से राहत पाने के लिए नदियों और जलाशयों में गए 48 लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। इसके अलावा अत्यधिक गर्म कारों में फंसने के कारण दो छोटे बच्चों की भी जान चली गई।
कृषि क्षेत्र भी इस हीटवेव से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। फ्रांस के ब्रिटनी और पेज-दे-ला-लोआर क्षेत्रों में पोल्ट्री फार्मों में अत्यधिक तापमान के चलते लाखों पक्षियों की मौत हो गई है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
क्या है ‘ओमेगा ब्लॉक’?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस असामान्य गर्मी के पीछे ‘ओमेगा ब्लॉक’ नामक मौसमीय प्रणाली जिम्मेदार है। इसमें उच्च दबाव का क्षेत्र ग्रीक अक्षर ‘ओमेगा’ के आकार में बन जाता है, जो गर्म हवा को लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में रोककर रखता है। परिणामस्वरूप तापमान सामान्य से 15 से 18 डिग्री सेल्सियस तक अधिक पहुंच सकता है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो यूरोप को वर्ष 2003 जैसी विनाशकारी हीटवेव का सामना करना पड़ सकता है, जब भीषण गर्मी के कारण हजारों लोगों की जान चली गई थी।