महाराष्ट्र के नंदुरबार छात्रावास में भोजन के बाद 40 छात्र बीमार, 25 अस्पताल में भर्ती

नंदुरबार के शहादा स्थित समाज कल्याण विभाग के छात्रावास में भोजन के बाद 40 छात्र बीमार पड़ गए। 25 छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मामले की जांच जारी है।;

Update: 2026-07-12 04:50 GMT

नंदुरबार। महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के शहादा स्थित समाज कल्याण विभाग के छात्रावास में भोजन करने के बाद अचानक कई छात्रों की तबीयत बिगड़ गई। उल्टी, पेट दर्द और गैस्ट्रिक परेशानी की शिकायत के बाद 40 छात्रों को चिकित्सकीय सहायता दी गई, जिनमें से 25 को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

जिला प्रशासन ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा

घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर मिताली सेठी ने शहादा ग्रामीण अस्पताल का दौरा किया और भर्ती छात्रों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। प्रारंभिक जांच में अधिकांश बच्चों में फूड पॉइजनिंग और गैस्ट्राइटिस के लक्षण पाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, समय रहते उपचार मिलने से स्थिति नियंत्रण में है।

पांच छात्रों को आईसीयू में रखा गया

भर्ती किए गए 25 छात्रों में से 20 का उपचार सामान्य वार्ड में चल रहा है, जबकि पांच छात्रों को ऑक्सीजन और रक्तचाप से जुड़ी समस्याओं के कारण आईसीयू में निगरानी में रखा गया। चिकित्सकों का कहना है कि सभी बच्चों की हालत स्थिर है और कई छात्रों को जल्द ही छुट्टी दी जा सकती है।

खाद्य नमूनों की जांच, जिम्मेदारी तय होगी

बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए भोजन और उल्टी के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रों की तबीयत खराब होने के पीछे क्या वजह रही। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हॉस्टल व्यवस्था की होगी व्यापक समीक्षा

प्रशासन ने छात्रावास के संचालन और भोजन व्यवस्था की व्यापक समीक्षा का निर्णय लिया है। छात्रों के अभिभावकों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था भी की जा रही है। कलेक्टर ने कहा कि आगामी दो महीनों तक छात्रावास की कार्यप्रणाली पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। पुलिस भी मामले की जांच में सहयोग कर रही है।

इस घटना के बाद छात्रावासों में खाद्य सुरक्षा और नियमित स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता एक बार फिर सामने आई है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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