राज्यसभा चुनाव के बाद होगा मोदी कैबिनेट में फेरबदल? हरदीप पुरी और बीएल वर्मा का टिकट कटा
यूपी राज्यसभा चुनाव में BJP ने हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा समेत सभी मौजूदा सदस्यों को दोबारा टिकट नहीं दिया। इससे मोदी कैबिनेट में फेरबदल की अटकलें तेज हैं।;
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया के बीच भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों की सूची ने केंद्र की राजनीति में कैबिनेट फेरबदल की अटकलों को फिर तेज कर दिया है। BJP ने सोमवार को यूपी से राज्यसभा के लिए आठ नए चेहरों को मैदान में उतारा और अपने मौजूदा आठ सदस्यों में से किसी को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया। इनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा भी शामिल हैं।
हरदीप पुरी और बीएल वर्मा का टिकट कटा
भाजपा की घोषित सूची में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार के नाम हैं। खास बात यह है कि सभी आठ उम्मीदवार नए चेहरे हैं और पार्टी ने किसी भी मौजूदा भाजपा राज्यसभा सदस्य को दोबारा मौका नहीं दिया।
हरदीप सिंह पुरी केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हैं, जबकि बीएल वर्मा राज्य मंत्री हैं। दोनों का राज्यसभा कार्यकाल नवंबर में खत्म होना है। ऐसे में उनकी अगली राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
संविधान का नियम भी अहम
संविधान के अनुच्छेद 75(5) के मुताबिक, कोई मंत्री लगातार छह महीने तक संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं रहता है तो उस अवधि के बाद वह मंत्री पद पर नहीं रह सकता। पुरी और वर्मा का राज्यसभा कार्यकाल नवंबर में समाप्त होना है, इसलिए उनकी आगे की भूमिका पर नजर है। हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि उनका मंत्री पद तुरंत समाप्त हो जाएगा या सरकार ने उन्हें हटाने का फैसला कर लिया है।
पहले भी दो मंत्रियों की हो चुकी है विदाई
इससे पहले जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू को भी राज्यसभा में दोबारा नामांकन नहीं मिला था। कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद जून में उनका मंत्री पद समाप्त हुआ। वहीं रवनीत सिंह बिट्टू ने राज्यसभा कार्यकाल पूरा होने के बाद जुलाई में केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दिया था। राष्ट्रपति भवन ने उनके इस्तीफे को स्वीकार किया था।
इसी वजह से अब पुरी और वर्मा के टिकट कटने को संभावित कैबिनेट बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, BJP या केंद्र सरकार ने अभी तक यह घोषणा नहीं की है कि दोनों को मंत्री पद से हटाया जाएगा या उन्हें संगठन में कोई नई जिम्मेदारी दी जाएगी।
क्या चार नए चेहरों की हो सकती है एंट्री?
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि राज्यसभा में वापसी नहीं करने वाले कुछ मंत्रियों की जगह नए चेहरों को सरकार में शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा कई मंत्रियों के पास एक से ज्यादा मंत्रालय या विभाग होने की वजह से भी संभावित फेरबदल की चर्चा है। रिपोर्टों में 12 मंत्रियों के पास एक से अधिक विभाग होने की बात कही गई है।
हालांकि, कैबिनेट विस्तार या फेरबदल की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल पुरी और वर्मा का टिकट कटना भाजपा के संगठनात्मक और चुनावी फैसले के रूप में सामने आया है, जबकि इसके राजनीतिक और सरकारी असर को लेकर चर्चाएं जारी हैं।