मायावती का आकाश आनंद पर बड़ा बयान: अब पार्टी से निकालने की नौबत नहीं आएगी, अशोक सिद्धार्थ के संन्यास से बदली स्थिति

मायावती ने आकाश आनंद को दोबारा BSP में शामिल कर राष्ट्रीय संयोजक बनाया है। उन्होंने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास के बाद अब आकाश को हटाने की नौबत नहीं आएगी।;

Update: 2026-10-06 10:12 GMT

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद की पार्टी में दोबारा वापसी और उन्हें राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंपने के बाद पूरे घटनाक्रम पर सफाई दी है। मायावती ने कहा कि मीडिया में आकाश आनंद को लेकर जिस तरह से खबरें सामने आ रही हैं, उनमें घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं हो रही है। उन्होंने संकेत दिया कि अब पार्टी संगठन में पहले जैसी परिस्थितियां दोबारा नहीं बनेंगी।

आकाश आनंद को फिर मिला मौका

मायावती ने 5 अक्टूबर को आकाश आनंद को एक बार फिर BSP में शामिल करते हुए राष्ट्रीय संयोजक बनाया। यह फैसला उनके सितंबर में पार्टी से निष्कासन के करीब एक महीने बाद आया है। इससे पहले आकाश ने सार्वजनिक रूप से मायावती से माफी मांगते हुए उन्हें अपना राजनीतिक गुरु बताया था और BSP में दोबारा काम करने का अवसर मांगा था।

मायावती ने कहा कि आकाश शादी से पहले भी पार्टी में सक्रिय थे और उस समय उनके खिलाफ संगठन को कोई गंभीर शिकायत नहीं मिली थी। इसलिए उस दौर में उन्हें पार्टी से अलग करने की आवश्यकता नहीं पड़ी।

अशोक सिद्धार्थ से रिश्ते के बाद बढ़ा विवाद

मायावती ने आकाश आनंद के ससुर और BSP के पूर्व नेता अशोक सिद्धार्थ का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, अशोक सिद्धार्थ से पारिवारिक संबंध बनने के बाद कुछ ऐसी परिस्थितियां पैदा हुईं, जिनके चलते आकाश के राजनीतिक आचरण और संगठन में उनकी भूमिका को लेकर फैसले लेने पड़े।

आकाश आनंद को मई 2024 में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से हटाया गया था, लेकिन बाद में उसी साल उन्हें फिर राष्ट्रीय संयोजक और मायावती का राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाया गया। मार्च 2025 में उन्हें दोबारा पार्टी से बाहर किया गया और अप्रैल में माफी के बाद वापसी हुई। सितंबर 2026 में एक बार फिर उन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारियों से हटाकर पार्टी से अलग कर दिया गया।

‘अब दोबारा बदलाव की जरूरत नहीं पड़ेगी’

मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने के बाद अब ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए, जिसमें आकाश आनंद को फिर पार्टी से बाहर करने या उनकी जिम्मेदारी बदलने की जरूरत पड़े। उन्होंने उम्मीद जताई कि आकाश अपनी जिम्मेदारी के मुताबिक पार्टी और आंदोलन के लिए काम करेंगे।

दरअसल, अशोक सिद्धार्थ ने सितंबर में सक्रिय राजनीति से संन्यास की घोषणा की थी। इसके बाद आकाश को पार्टी से पूरी तरह अलग करने का फैसला भी हुआ था। बाद में आकाश ने मायावती से माफी मांगी और BSP में लौटने की इच्छा जताई।

आकाश ने भी जताया भरोसा

पार्टी में वापसी के बाद आकाश आनंद ने मायावती के फैसले के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें मिले इस अवसर को वह हल्के में नहीं लेंगे और पार्टी के प्रति पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ काम करेंगे। अब आकाश को फिर राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी मिलने के बाद BSP के संगठन में उनकी भूमिका पर नजर रहेगी।

Tags:    

Similar News