आशुतोष रांका और सौरव दास की हिरासत बढ़ने पर भड़कीं ममता बनर्जी, बोलीं- जेन-जी का उत्पीड़न बंद करें

ममता बनर्जी ने CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ाए जाने की आलोचना की। उन्होंने इसे राज्य प्रायोजित आतंकवाद और पुलिस प्रायोजित अत्याचार बताते हुए दोनों की तत्काल रिहाई की मांग की।;

Update: 2026-10-20 08:53 GMT

नई दिल्ली।तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ाए जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने इस कार्रवाई को ‘राज्य प्रायोजित आतंकवाद’ और ‘पुलिस प्रायोजित अत्याचार’ करार देते हुए दोनों नेताओं को तत्काल रिहा करने की मांग की। ममता ने आरोप लगाया कि देश में जेन-जी यानी युवा प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया जा रहा है।

ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?

ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दोनों नेताओं की हिरासत बढ़ाए जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विश्वास रखने वालों को आशुतोष रांका और सौरव दास की तत्काल रिहाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

ममता ने अपनी पोस्ट में लिखा कि युवाओं का उत्पीड़न बंद होना चाहिए और सत्ता में बैठे लोगों को यह समझना चाहिए कि सत्ता स्थायी नहीं होती। उन्होंने कोलकाता, दिल्ली और मुंबई का उल्लेख करते हुए देश में कथित अत्याचारों पर चिंता जताई।

उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम का उदाहरण देते हुए कहा कि अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को भी दमन का सामना करना पड़ा था, लेकिन उन्होंने संघर्ष जारी रखा। ममता ने दावा किया कि लोकतंत्र और देश के लिए खड़े होने वाले लोग अंततः अपनी लड़ाई में सफल होंगे।

दो दिन और बढ़ाई गई न्यायिक हिरासत

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आशुतोष रांका और सौरव दास 13 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे थे और वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। इसके बाद पुलिस ने दोनों को कथित तौर पर निजी परिसर में अनधिकृत प्रवेश और शांति बनाए रखने के लिए भरे गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया।

14 अक्टूबर को एक विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। सोमवार को उन्हें मंदिर मार्ग थाने में नए नियुक्त विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। इसके बाद उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया गया।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर विवाद

CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन की घोषणा की थी। इससे पहले पुलिस ने संगठन के नेता अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को मुंबई से दिल्ली पहुंचने पर हिरासत में लिया था। बाद में बॉन्ड भरने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था।

इसके बाद जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन को लेकर प्रतिबंधों के बीच CJP नेताओं ने अपने साथियों के साथ वहां पहुंचकर विरोध जताया। पुलिस ने कथित तौर पर लागू प्रतिबंधों के उल्लंघन के मामले में कार्रवाई की।

हिरासत पर राजनीतिक बहस तेज

ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया के बाद CJP नेताओं की हिरासत का मामला राजनीतिक चर्चा में आ गया है। एक ओर TMC प्रमुख ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया है, वहीं पुलिस की कार्रवाई संबंधित आरोपों और आदेशों के आधार पर हुई है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाओं पर नजर रहेगी।

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