केरलम में सियासी हिंसा: यूथ कांग्रेस-एसएफआई भिड़े, भाजपा दफ्तर पर भी हमला; 160 कार्यकर्ताओं पर केस
केरल के तिरुवनंतपुरम में यूथ कांग्रेस और SFI कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई। पुलिस ने 160 लोगों पर केस दर्ज किया, जबकि BJP ने अपने कार्यालय पर हमले का आरोप लगाया।;
तिरुवनंतपुरम: केरलम की राजधानी तिरुवनंतपुरम में बुधवार रात राजनीतिक तनाव हिंसक झड़प में बदल गया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ यूथ कांग्रेस के विरोध मार्च के दौरान यूथ कांग्रेस-केएसयू और एसएफआई-डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं के बीच टकराव हुआ। इस दौरान पथराव, जलती मशालें फेंकने और पुलिस के लाठीचार्ज की घटनाएं सामने आईं। पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल 160 कार्यकर्ताओं के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं।
इसी बीच बीजेपी ने भी आरोप लगाया कि तिरुवनंतपुरम स्थित उसके राज्य मुख्यालय मारारजी भवन पर अज्ञात लोगों ने पत्थर और बोतलें फेंकीं। इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पीके कृष्णदास की गाड़ी पर हमले का भी आरोप लगाया गया था।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मार्च के दौरान बढ़ा तनाव
यूथ कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मार्च निकाला था। प्रदर्शन जब केरल यूनिवर्सिटी के पुरुष छात्रावास के पास पहुंचा तो स्थिति बिगड़ गई। यूथ कांग्रेस और केएसयू कार्यकर्ताओं का आरोप है कि छात्रावास की ओर से मार्च पर पत्थर और बोतलें फेंकी गईं।
वहीं, एसएफआई की ओर से आरोप लगाया गया कि प्रदर्शनकारियों ने छात्रावास की ओर पत्थर, डंडे और जलती मशालें फेंकीं। दोनों पक्षों के दावों की पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस ने किया लाठीचार्ज, आंसू गैस का इस्तेमाल
झड़प बढ़ने के बाद पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ छात्र और पुलिसकर्मी भी घायल हुए। पुलिस बल को यूनिवर्सिटी कॉलेज और छात्रावास के आसपास तैनात किया गया।
एसएफआई ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को राज्यभर के शैक्षणिक संस्थानों में कक्षा बहिष्कार का आह्वान किया।
80-80 कार्यकर्ताओं पर दर्ज हुआ केस
पुलिस ने यूथ कांग्रेस-केएसयू के 80 और एसएफआई-डीवाईएफआई के 80 कार्यकर्ताओं के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। पुलिस के अनुसार, विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
भाजपा कार्यालय पर हमले को लेकर भी सियासत तेज
बीजेपी ने अपने राज्य कार्यालय पर कथित हमले की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक राजनीति के लिए चुनौती बताया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि अंधेरे की आड़ में कार्यालय को निशाना बनाया गया। बीजेपी ने इन घटनाओं के विरोध में राज्यभर में प्रदर्शन की घोषणा की है। हालांकि, कार्यालय पर हमले के जिम्मेदार लोगों की पहचान को लेकर जांच जारी है।