जेवर एयरपोर्ट का नाम अब नरेंद्र मोदी के नाम पर, योगी कैबिनेट ने लगाई मुहर
यूपी कैबिनेट ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। कैबिनेट ने कई अन्य अहम फैसले भी लिए।;
लखनऊ। नोएडा के जेवर में बने अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से जाना जाएगा। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एयरपोर्ट का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बैठक के बाद इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों की सेवा के अवसर पर यह प्रस्ताव पारित किया गया है। एयरपोर्ट का नया नाम नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा होगा।
पीएम मोदी ने किया था एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन
जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को इसके पहले चरण का उद्घाटन किया था। पहला चरण करीब 3,300 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है और इसमें एक रनवे तथा टर्मिनल जैसी प्रमुख सुविधाएं शामिल हैं। इसकी शुरुआती यात्री क्षमता करीब 1.2 करोड़ यात्रियों सालाना की है। आगे के चरणों के पूरा होने के बाद एयरपोर्ट की क्षमता में कई गुना विस्तार की योजना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से उत्तर प्रदेश में सड़क, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और अन्य बुनियादी ढांचे का विस्तार हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया।
39 प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर
योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में एयरपोर्ट के नामकरण के अलावा कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। सरकार के मुताबिक बैठक में कुल 39 प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। इनमें नगरीय परिवहन, बस टर्मिनल और धान खरीद से जुड़े फैसले भी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश सरकार का सूचना एवं जनसंपर्क विभाग कैबिनेट के फैसलों को आधिकारिक रूप से जारी करता है।
18 नगर निगम क्षेत्रों में चलेंगी 1,725 इलेक्ट्रिक बसें
नगरीय परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 18 नगर निगम क्षेत्रों में 1,725 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाने का फैसला किया गया है। सरकार के अनुसार बसों की खरीद के लिए तय प्रक्रिया के तहत 50 फीसदी बसें L1 बोलीदाता से और बाकी बसें उत्तर प्रदेश में निर्माण करने वाली कंपनी से खरीदी जाएंगी।
लखनऊ में 265 करोड़ का इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल
लखनऊ के वृंदावन विहार योजना क्षेत्र में PPP मॉडल पर इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल विकसित करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। इसकी अनुमानित लागत 265 करोड़ रुपये बताई गई है। परियोजना में बस टर्मिनल के साथ व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी प्रावधान रहेगा।
65 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य
सरकार ने इस खरीफ सीजन में 65 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य तय किया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खरीद 15 अक्टूबर से 15 फरवरी 2027 तक और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर से 28 फरवरी तक प्रस्तावित है। पिछले वर्ष 62 लाख टन धान की खरीद हुई थी। वहीं मक्का का खरीद मूल्य इस बार 2,410 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।