इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026: पीएम मोदी से मिले गूगल के CEO सुंदर पिचाई, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान पीएम मोदी और गूगल सीईओ सुंदर पिचाई की मुलाकात हुई। इस बैठक में भारत में एआई विकास, युवाओं के लिए अवसरों और वैश्विक एआई एजेंडे पर चर्चा की गई।

Update: 2026-02-18 11:00 GMT

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली इस समय पूरी दुनिया के डिजिटल फ्यूचर का सेंटर बनी हुई है। मौका है इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का, जहां तकनीकी जगत के दिग्गज और दुनिया भर के राजनेता एक साथ जुटे हैं। इस बीच गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने बुधवार को पीएम मोदी से मुलाकात की. इस मुलाकात से पता चलता है कि ग्लोबल एआई क्रांति में भारत अब केवल एक बाजार नहीं, बल्कि लीडर की भूमिका में है।

पीएम मोदी और पिचाई की मुलाकात

पीएम मोदी ने सुंदर पिचाई के साथ हुई इस बैठक को खास बताया। एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि चर्चा का केंद्र भारत का एआई इकोसिस्टम और यहां के प्रतिभाशाली छात्र और पेशेवर रहे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कैसे गूगल, भारतीय युवाओं की क्षमताओं को निखारने में सहयोग कर सकता है। सुंदर पिचाई ने भी भारत आने पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, "एआई इम्पैक्ट समिट के लिए वापस भारत आकर बहुत अच्छा लग रहा है।"

20 फरवरी को पिचाई का मेगा संबोधन

पिचाई अभी दिल्ली में हैं और पूरी दुनिया की निगाहें 20 फरवरी को होने वाले उनकी स्पीच पर टिकी हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि वो भारत के लिए गूगल के नए एआई निवेशों पर बड़ा ऐलान कर सकते हैं।

गूगल देश के एआई परिवर्तन में साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध

पिचाई ने कहा कि भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में असाधारण प्रगति के लिए तैयार है और गूगल देश के एआई परिवर्तन में साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एआई हमारे जीवन का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बदलाव है, जो स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर डायग्नोस्टिक्स से लेकर किसानों को रियल-टाइम अलर्ट देने जैसे बड़े स्तर की चुनौतियों को हल करने में सक्षम है।

पिचाई ने भारत की विविधता, बहुभाषी पारिस्थितिकी और मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नवाचार के लिए मजबूत आधार बताते हुए कहा कि यह वैश्विक स्तर पर एआई के लोकतांत्रिक उपयोग का एक मॉडल बन सकता है। उन्होंने जोर दिया कि एआई का विकास भरोसे, सुरक्षा और समावेशिता को प्राथमिकता देते हुए होना चाहिए, ताकि तकनीक स्थानीय भाषाओं और संदर्भों में लोगों तक वास्तविक लाभ पहुंचा सके।

इंडिया-अमेरिका कनेक्ट इनिशिएटिव की घोषणा

इस दौरान पिचाई ने 'इंडिया-अमेरिका कनेक्ट इनिशिएटिव' की भी घोषणा की, जिसके तहत अमेरिका, भारत और दक्षिणी गोलार्ध के कई क्षेत्रों के बीच एआई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नए सबसी केबल रूट विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गूगल भारत में फुल-स्टैक कनेक्टिविटी पर काम कर रहा है और भविष्य को लेकर वह बेहद उत्साहित हैं।

उन्होंने भारत में 15 अरब डॉलर के एआई हब की योजना का भी जिक्र किया, जिसमें गीगावॉट-स्तर की कंप्यूटिंग क्षमता और अंतरराष्ट्रीय सबसी केबल गेटवे शामिल होगा, जिससे रोजगार सृजन और उन्नत एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा।

गूगल ने स्किलिंग कार्यक्रमों की घोषणा

इसके साथ ही गूगल ने स्किलिंग कार्यक्रमों की भी घोषणा की, जिसमें अंग्रेजी और हिंदी में गूगल एआई प्रोफेशनल सर्टिफिकेट प्रोग्राम शामिल है, जो छात्रों और शुरुआती करियर के पेशेवरों को लक्षित करेगा। अन्य पहलों में कर्मयोगी भारत के साथ 2 करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारियों को समर्थन, अटल टिंकरिंग लैब्स के साथ 10,000 स्कूलों में जेन एआई टूल्स की शुरुआत और 30 मिलियन डॉलर का 'एआई फॉर साइंस इम्पैक्ट चैलेंज' भी शामिल है।

पिचाई ने कहा कि एआई का सबसे बड़ा प्रभाव तब होता है जब इसे समुदायों को समझने वाली संस्थाओं के साथ मिलकर विकसित और लागू किया जाए, और इसी दिशा में आईआईटी, सरकारी एजेंसियों और स्थानीय संस्थानों के साथ साझेदारी के जरिए जिम्मेदारीपूर्ण और व्यापक स्तर पर एआई पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

समिट की खास बातें

यह समिट भारत की ग्लोबली ताकत का प्रमाण है जिसे मोदी सरकार लगातार बढ़ावा दे रही है। इस समिट में 100 से ज्यादा सरकारी प्रतिनिधि, जिनमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और 60 मंत्री शामिल हैं। साथ ही दुनिया भर के नामी सीईओ, संस्थापक, शोधकर्ता और सीटीओ हिस्सा ले रहे हैं।

यह समिट 'जन, दुनिया और प्रगति' के तीन पिलर्स पर बेस्ड है। सेफ्टी और भरोसा, एआई पर भारत का यह फ्रेमवर्क आने वाले समय में वैश्विक एआई नीति की दिशा तय कर सकता है।

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