असम के जोरहाट एयरबेस पर एएन-32 विमान क्रैश, भारतीय वायु सेना के पांच कर्मियों की मौत

असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर शनिवार को उतरते समय एएन-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के क्रैश होने से भारतीय वायुसेना के पांच कर्मियों की मौत हो गई। यह घटना सुबह लगभग 10 बजे हुई। उतरने के लैंडिंग के दौरान विमान में आग लग गई, जिसके बाद एयरफोर्स और एयरपोर्ट की अग्निशमन टीमों ने तुरंत इमरजेंसी कार्रवाई शुरू कर दी।;

By :  IANS
Update: 2026-06-13 09:55 GMT

गुवाहाटी। असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर शनिवार को उतरते समय एएन-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के क्रैश होने से भारतीय वायुसेना के पांच कर्मियों की मौत हो गई। यह घटना सुबह लगभग 10 बजे हुई। उतरने के लैंडिंग के दौरान विमान में आग लग गई, जिसके बाद एयरफोर्स और एयरपोर्ट की अग्निशमन टीमों ने तुरंत इमरजेंसी कार्रवाई शुरू कर दी।

भारतीय वायुसेना ने एक बयान में कहा, "आज सुबह लगभग 10 बजे असम के जोरहाट में एक रूटीन उड़ान के दौरान आईएएफ के एएन-32 विमान का एक्सीडेंट हो गया। अभी क्रैश वाली जगह पर जांच चल रही है। आईएएफ सभी से अपील करता है कि शुरुआती नतीजे आने तक कोई अटकलें न लगाएं।"

एक अन्य पोस्ट में आईएएफ ने लिखा, "भारतीय वायु सेना को असम के जोरहाट में एएन-32 विमान दुर्घटना में अपने पांच कर्मियों के खोने का गहरा दुख है। स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीर वायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीर वायु दानिश आलम ने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। भारतीय वायु सेना शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है और दुख की इस घड़ी में मजबूती से उनके साथ खड़ी है।"

एक्सीडेंट की वजह का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दिए जाने की उम्मीद है। टेक्निकल एक्सपर्ट और एयरफोर्स के अधिकारी क्रैश वाली जगह की जांच कर रहे हैं, जबकि शुरुआती जांच जारी है।

सोवियत मूल का एएन-32 एक ट्विन-इंजन सामरिक परिवहन विमान है, जो दशकों से भारतीय वायुसेना के लिए उपयोग में लिया जा रहा है। विशेष रूप से पूर्वोत्तर के दुर्गम इलाकों और हिमालयी सीमावर्ती क्षेत्रों में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।

इससे पहले भी ये विमान हादसे का शिकार हो चुके हैं। जून 2019 में जोरहाट वायुसेना स्टेशन से अरुणाचल प्रदेश के मेचुका के लिए उड़ान भरने वाला आईएएफ का एक एएन-32 विमान, लापता हो गया था। व्यापक खोज अभियान के बाद विमान का मलबा अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्र में मिला और उसमें सवार सभी 13 कर्मियों को मृत घोषित कर दिया गया था।

वहीं जुलाई 2016 में, चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर जा रहा एक अन्य एएन-32 विमान बंगाल की खाड़ी के ऊपर लापता हो गया था। विमान में 29 लोग सवार थे। भारत के सबसे बड़े खोज अभियानों में से एक चलाए जाने के बावजूद विमान कई वर्षों तक नहीं मिल सका और उसमें सवार सभी लोगों को मृत मान लिया गया। वर्ष 2024 में इस विमान से जुड़े मलबे की पहचान की गई।


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