हरिवंश फिर बने राज्यसभा सांसद, जेडीयू ने नहीं भेजा तो सरकार ने किया नामित

हरिवंश को यह मौका उन्हें नामित करके दिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से जारी आदेश के चलते उन्हें मनोनीत किया गया है। अधिसूचना में कहा गया है कि एक मनोनीत सांसद के रिटायरमेंट से जो रिक्ति हुई है, उस स्थान पर हरिवंश को मौका दिया गया है। अब वह फिर से राज्यसभा सांसद होंगे।

Update: 2026-04-10 04:44 GMT

नई दिल्ली। राज्यसभा के उपसभापति रहे हरिवंश को फिर से राज्यसभा की सदस्यता मिल गई है। इस बार उन्हें जेडीयू ने राज्यसभा नहीं भेजा था। माना जा रहा था कि अब राज्यसभा का उनका कार्यकाल समाप्त हो गया है, लेकिन उन्हें एक और चांस मिल गया है। यह मौका उन्हें नामित करके दिया गया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से जारी आदेश के चलते उन्हें मनोनीत किया गया है। अधिसूचना में कहा गया है कि एक मनोनीत सांसद के रिटायरमेंट से जो रिक्ति हुई है, उस स्थान पर हरिवंश को मौका दिया गया है। अब वह फिर से राज्यसभा सांसद होंगे। हरिवंश को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीबी माना जाता था, लेकिन बीते कुछ समय से उनके रिश्तों में वह गर्मजोशी नहीं दिखी है।

माना जाता है कि इसी वजह से हरिवंश को एक और मौका जेडीयू से नहीं मिला। इस बीच उन्हें राष्ट्रपति की ओर से अधिसूचना जारी कर राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है। उनके पिछले कार्यकाल के लिए पीएम मोदी ने सदन में उनकी जमकर सराहना की थी। उनका कहना था कि हरिवंश ने सदन चलाने में अच्छी भूमिका अदा की।

इसके अलावा अपने अनुभव से राज्यसभा को समृद्ध किया है। यही नहीं उन्होंने संकेत भी दे दिया था कि हरिवंश जी की राजनीतिक पारी अभी समाप्त नहीं हुई है और वह आगे भी जनहित में काम करते रहेंगे। माना जा रहा है कि पीएम मोदी की वह टिप्पणी एक संकेत थी कि कैसे हरिवंश फिर से लौट सकते हैं और वही हुआ।

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