गौतम अडानी फिर बने भारत के सबसे अमीर शख्स, मुकेश अंबानी दूसरे नंबर पर

Forbes और Hurun की 2026 अमीरों की सूची में गौतम अडानी और मुकेश अंबानी की संपत्ति में बड़ा बदलाव दिखा। जानिए दोनों की नेटवर्थ और आंकड़ों में अंतर की वजह।;

Update: 2026-10-01 05:47 GMT
नई दिल्ली। भारत के अरबपतियों की दौलत में इस साल बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। Forbes की 2026 Billionaires List के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, गौतम अडानी और मुकेश अंबानी की संपत्ति में बाजार के उतार-चढ़ाव के साथ लगातार बदलाव हुआ है। Forbes की 2026 की सालाना गणना में दोनों की संपत्ति का आंकड़ा अलग है, जबकि सितंबर 2026 के रियल-टाइम आंकड़ों में भी उनकी नेटवर्थ में बदलाव दिखाई देता है।

अडानी की संपत्ति में बड़ा उछाल

गौतम अडानी का कारोबार पोर्ट, एयरपोर्ट, पावर, ग्रीन एनर्जी और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में फैला हुआ है। Forbes के अनुसार, 2026 की सालाना अरबपति गणना में अडानी की संपत्ति 63.8 अरब डॉलर आंकी गई थी। हालांकि, बाद के रियल-टाइम आंकड़ों में उनकी नेटवर्थ इससे काफी अलग रही। जून 2026 में Forbes ने रिपोर्ट किया था कि Adani Group की कंपनियों के शेयरों में तेजी के बाद अडानी की संपत्ति करीब 89.2 अरब डॉलर पहुंच गई थी और वह उस समय एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने थे।

अडानी समूह की कंपनियों में बंदरगाह, एयरपोर्ट, बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन तथा ग्रीन एनर्जी कारोबार शामिल हैं। इन कंपनियों के शेयरों में बदलाव का सीधा असर अडानी की व्यक्तिगत संपत्ति पर पड़ता है।

मुकेश अंबानी की संपत्ति में भी उतार-चढ़ाव

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की संपत्ति भी बाजार के अनुसार बदलती रही है। Forbes के रियल-टाइम प्रोफाइल में सितंबर 2026 में उनकी नेटवर्थ करीब 86.3 अरब डॉलर दर्ज की गई थी। वहीं 2026 की सालाना Forbes Billionaires गणना में उनकी संपत्ति 99.7 अरब डॉलर थी।

रिलायंस का कारोबार पेट्रोकेमिकल्स, ऑयल एंड गैस, टेलीकॉम, रिटेल, मीडिया और वित्तीय सेवाओं तक फैला है। कंपनी का डिजिटल कारोबार Jio भी समूह की वैल्यूएशन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। Forbes के मुताबिक Jio के 2026 में लिस्ट होने की योजना बताई गई थी।

Forbes और Hurun के आंकड़े क्यों अलग?

अमीरों की सूची में Forbes और Hurun के आंकड़ों में अंतर का मुख्य कारण उनकी wealth calculation methodology और valuation date का अलग होना है। Hurun Global Rich List 2026 ने संपत्ति की गणना 15 जनवरी 2026 के आधार पर की थी। उस सूची में भारत के 308 डॉलर अरबपति दर्ज किए गए थे।

इसलिए किसी अरबपति की संपत्ति को अलग-अलग रिपोर्टों में अलग देखना सामान्य है। शेयर बाजार में रोज होने वाले बदलाव, कंपनियों की हिस्सेदारी और मुद्रा विनिमय दर भी नेटवर्थ को प्रभावित करते हैं।

भारत में बढ़ रही अरबपतियों की संख्या

Hurun की 2026 Global Rich List के मुताबिक भारत में डॉलर अरबपतियों की संख्या 308 तक पहुंच गई थी, जो पिछले साल के मुकाबले 24 अधिक थी। भारत इस मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर रहा।

इससे साफ है कि भारतीय कंपनियों और पूंजी बाजार में संपत्ति का निर्माण लगातार बढ़ रहा है, हालांकि शीर्ष उद्योगपतियों की रैंकिंग बाजार की परिस्थितियों के साथ बदलती रहती है।

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