FCRA संशोधन विधेयक पर लोकसभा में जोरदार हंगामा, विपक्षी दलों ने संसद परिसर में किया प्रदर्शन

एफसीआरए संशोधन विधेयक को लेकर लोकसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्षी दलों ने इस बिल का विरोध करते हुए संसद परिसर में प्रदर्शन किया और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

Update: 2026-04-01 06:34 GMT
नई दिल्ली। एफसीआरए ( FCRA) संशोधन विधेयक पर लोकसभा में विपक्ष के जोरदार हंगामा के बाद कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्षी दलों ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के खिलाफ बुधवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया। कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) और कई अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद भवन के मकर द्वार के निकट प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

उन्होंने एक बड़ा बैनर भी ले रखा था जिस पर ‘स्टॉप टारगेटिंग एनजीओ एंड इंस्टीट्यूशंस’ (एनजीओ और संस्थानों को निशाना बनाना बंद करो) लिखा हुआ था। लोकसभा में आज की कार्यवाही सूची में यह विधेयक चर्चा और पारित कराने के लिए शामिल है।

कांग्रेस ने मंगलवार को कहा था कि यह विधेयक असंवैधानिक है और गैर सरकारी संगठनों, विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदायों द्वारा संचालित संगठनों को नष्ट कर देगा। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया था कि कांग्रेस के सांसदों को दिल्ली पहुंचने और बुधवार को सदन में मौजूद रहने के लिए कहा गया है।

FCRA विधेयक अल्पसंख्यकों के खिलाफ: के सी वेणुगोपाल

FCRA संशोधन विधेयक 2026 पर, कांग्रेस महासचिव (संगठन) और सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, "FCRA ईसाइयों, अल्पसंख्यकों और NGOs के खिलाफ एक लक्षित कानून है। जो NGOs भारत के लोगों के लिए अच्छा काम कर रहे हैं, उन्हें इस कानून के ज़रिए दंडित किया जा रहा है। हम इस विधेयक को पारित नहीं होने देंगे। हम आज संसद के सामने और संसद के अंदर भी प्रदर्शन कर रहे हैं।

सरकार का हर बिल आम लोगों के खिलाफ: राम गोपाल वर्मा

सपा के सासंद राम गोपाल यादव ने कहा, "आज तक ये सरकार जितने भी बिल लाएगी वो देश की जनता के खिलाफ होंगे। आज तक जितने भी बिल आए कुछ पूंजीपतियों के पक्ष में और कुछ लोगों ने अपने पक्ष में कर लिए। जनता के लिए एक भी बिल आज तक नहीं आया। आज गृह मंत्री CAPF रेगुलेशन बिल पर जवाब देंगे।"

नित्यानंद राय ने पेश किया विधेयक 

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बीते बुधवार को लोकसभा में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 में संशोधन करना है। राय ने कहा था कि यह विधेयक विदेशी अंशदान के उपयोग को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाएगा।

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