दिल्ली में 1 जुलाई से लागू होगी नई EV पॉलिसी, मुख्यमंत्री ने किया ऐलान, जानें क्या होंगे बड़े बदलाव

दिल्ली सरकार ने नई EV Policy 2026 को मंजूरी दे दी है। 1 जुलाई से लागू होने वाली इस नीति में इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी, टैक्स छूट, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और पेट्रोल-डीजल वाहनों पर चरणबद्ध रोक जैसे बड़े प्रावधान शामिल हैं।;

Update: 2026-06-29 10:28 GMT
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी में प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026 को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को सचिवालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा करते हुए बताया कि उपराज्यपाल की स्वीकृति के बाद यह नीति 1 जुलाई 2026 से लागू होगी और 31 अगस्त 2031 तक प्रभावी रहेगी। सरकार का दावा है कि नई नीति से इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा, प्रदूषण में कमी आएगी और नागरिकों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा।

प्रदूषण नियंत्रण और हरित परिवहन पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नई ईवी पॉलिसी राजधानी की सबसे बड़ी चुनौतियों—वायु प्रदूषण और बढ़ते यातायात—का समाधान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि इस नीति से अगले कुछ वर्षों में दिल्लीवासियों को करीब 15 हजार करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलने का अनुमान है।

सरकार ने दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया, मालवाहक वाहन, ट्रक और ग्रामीण परिवहन सेवाओं को भी इस नीति के दायरे में शामिल किया है ताकि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का दायरा व्यापक बनाया जा सके।

विभिन्न श्रेणियों के वाहनों पर बढ़ेगा प्रोत्साहन

नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को अलग-अलग श्रेणियों में आकर्षक प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों पर 30 हजार से 50 हजार रुपये तक की सहायता मिलेगी। वहीं इलेक्ट्रिक ट्रक खरीदने वालों को 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। ग्रामीण सेवा वाहनों के लिए 20 हजार रुपये तक का स्क्रैपिंग इंसेंटिव भी निर्धारित किया गया है।

इसके अलावा इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया, व्यावसायिक वाहन और 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। वहीं स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों को 50 प्रतिशत टैक्स छूट का लाभ दिया जाएगा।

पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों पर लगेगी रोक

सरकार ने पेट्रोल और डीजल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से कम करने का भी रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत 1 जनवरी 2027 से नए तीनपहिया वाहनों का पंजीकरण केवल इलेक्ट्रिक मॉडल के रूप में होगा। इसके बाद अप्रैल 2028 से नए दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन भी केवल इलेक्ट्रिक श्रेणी में किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इससे आने वाले वर्षों में दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में उल्लेखनीय कमी आएगी और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

चार्जिंग नेटवर्क होगा मजबूत

नई ईवी नीति के तहत राजधानी में बड़े पैमाने पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, पार्किंग स्थलों और आवासीय क्षेत्रों में नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

इसके साथ ही बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के सहयोग से घरों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के लिए अलग बिजली मीटर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी।

तीन साल तक दिल्ली से बाहर नहीं बेच सकेंगे वाहन

नई नीति में एक महत्वपूर्ण प्रावधान यह भी रखा गया है कि इस योजना के तहत खरीदे गए इलेक्ट्रिक वाहनों को तीन वर्ष तक दिल्ली के बाहर बेचा नहीं जा सकेगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी का लाभ वास्तव में दिल्ली के निवासियों को मिले और उसका दुरुपयोग न हो।

मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी, हितधारकों से हुई थी चर्चा

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने विभिन्न हितधारकों, उद्योग प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों से कई दौर की चर्चा के बाद नीति का मसौदा तैयार किया। इसके बाद दिल्ली कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी और उपराज्यपाल के अनुमोदन के लिए भेजा गया।

परिवहन विभाग की सचिव निहारिका ने कहा कि इस नीति के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी परिवहन विभाग के पास रहेगी और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

पर्यावरण और स्वास्थ्य पर भी होगा सकारात्मक असर

पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि नई ईवी नीति से राजधानी की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा और प्रदूषण के स्तर को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी। वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने नागरिकों से अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

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