असम में वोटिंग के कुछ घंटे पहले ही खेला, कांग्रेस कैंडिडेट ने छोड़ी पार्टी; बोले- मैं उम्मीदवार नहीं

उदलगुरी सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार सुरेन दायमारी ने नाम वापस ले लिया है। इसके अलावा पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने मीडिया के सामने इसका ऐलान किया और कहा कि मैं कांग्रेस छोड़ रहा हूं। उम्मीदवारी भी वापस ले रहा हूं। उन्होंने पार्टी पर जमकर भड़ास निकली और कहा कि मैंने टिकट मांगा ही नहीं था।

Update: 2026-04-09 07:10 GMT

गुवाहाटी। असम समेत तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग शुरू हो गई है। इस बीच कांग्रेस को असम में करारा झटका लगा है। वोटिंग शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही उदलगुरी सीट से उसके उम्मीदवार सुरेन दायमारी ने नाम वापस ले लिया है। इसके अलावा पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने मीडिया के सामने इसका ऐलान किया और कहा कि मैं कांग्रेस छोड़ रहा हूं। इसके अलावा उम्मीदवारी भी वापस ले रहा हूं।

एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी का कहना है कि भले ही सुरेन दायमार ने अपना नाम वापस ले लिया है, लेकिन ईवीएम में उनका नाम बना रहेगा। अब भी मतदाता उन्हें वोट कर सकेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि नाम वापस लेने की तारीख निकल चुकी थी और वोटिंग से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने उम्मीदवारी वापस ली थी। ऐसे में उनका नाम ईवीएम से हटाया नहीं जा सकता।

वहीं इस मामले में कांग्रेस की किरकिरी हो रही है और सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के उस दावे की भी चर्चा हो रही है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस के आधे कैंडिडेट तो मैं ही तय करूंगा। अब जबकि कांग्रेस कैंडिडेट ने पार्टी ही छोड़ दी है तो इस पर सवाल उठ रहे हैं। सुरेन दायमारी को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने मीडिया के सामने ही इसका ऐलान किया है। इस संबंध में पार्टी को कोई इस्तीफा नहीं भेजा है।

'कांग्रेस सिर्फ मियाओं के लिए काम करती है, रहने का फायदा नहीं'

वहीं सुरेन दायमारी ने कहा, 'कांग्रेस में रहने का कोई फायदा नहीं है। उसने मेरे साथ विश्वासघात किया है। कांग्रेस सिर्फ मियाओं के लिए काम करती है। लेकिन इस पार्टी ने कभी मेरे जैसे जनजातीय लोगों को अधिकार नहीं दिए। उनके लिए कुछ नहीं किया।' उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मुझे उदलगुरी सीट से चुनाव में तो उतार दिया, लेकिन प्रचार में कोई सपोर्ट नहीं किया। दायमारी ने कहा, ‘मैंने पार्टी लीडर से कई बार मांग की कि मेरे यहां प्रचार करने आएं। लेकिन उन लोगों ने मेरा कॉल ही रिसीव नहीं किया। मुझे इस बात से दुख हुआ क्योंकि मेरी किसी ने मदद नहीं की। जिला कांग्रेस कमेटी ने भी साथ नहीं दिया।’

कौन हैं सुरेन दायमारी, जिन्होंने वोटिंग से ठीक पहले दिया झटका

सुरेन दायमारी 73 वर्षीय नेता हैं, जो पूर्व में सरकारी कर्मचारी रहे हैं। दायमारी ने इसी साल जनवरी में कांग्रेस जॉइन की थी। उनका कहना है कि उदलगुरी सीट पर कांग्रेस सालों से कमजोर है। इसके बाद भी मैंने यहां पार्टी को मजबूत करने का प्रयास किया। फिर भी मुझे कोई समर्थन नहीं मिला। यही नहीं उन्होने कहा कि मैंने तो टिकट मांगा ही नहीं था। उन्होंने कहा कि इस पार्टी ने मेरा कभी साथ नहीं दिया। इसलिए मैं पार्टी छोड़ रहा हूं और उम्मीदवार भी नहीं रहूंगा। बता दें कि इस सीट पर भाजपा मुकाबले में नहीं है। कांग्रेस की टक्कर बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट और यूनाइटेड पीपल्स पार्टी से है।

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