कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर किया विरोध प्रदर्शन

लोकसभा सांसद राहुल गांधी द्वारा एपस्टीन फाइल्स मामले में लगाए गए आरोपों के मद्देनजर कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को प्रदर्शन किया।

Update: 2026-02-13 06:11 GMT

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा दिए गए भाषण को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी द्वारा एपस्टीन फाइल्स मामले में लगाए गए आरोपों के मद्देनजर कांग्रेस सांसदों ने शुक्रवार को संसद परिसर में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

बता दें कि राहुल गांधी ने संसद में अपने भाषण के दौरान एपस्टीन फाइल का भी जिक्र किया, जिसके बाद लोकसभा में भारी हंगामा हो गया। स्पीकर के विरोध के बाद राहुल गांधी ने कहा कि ठीक है हम इसपर बात नहीं करेंगे। राहुल गांधी ने साथ ही अडानी और अंबानी पर निशाना भी साधा।

हरदीप सिंह पुरी ने राहुल के बयान के बेबुनियाद बताया

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सदन में दिए गए राहुल गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी और उन पर बेबुनियाद आरोप लगाने का आरोप लगाया। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश में दो तरह के नेता होते हैं। एक वे जो राजनीतिक व्यवस्था में जिम्मेदारी लेते हैं और अपना जीवन समाज सेवा तथा देश को बदलने में समर्पित कर देते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे नेतृत्व के कारण ही भारत 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ा है। केंद्रीय मंत्री ने बिना नाम लिए विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ नेता कभी-कभी देश में आते हैं और जब संसद में उन्हें ठोस जवाब मिलता है या उनकी बातों को समर्थन नहीं मिलता, तो वे सदन छोड़कर चले जाते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी अपनी ही स्पीच के बाद सदन से चले गए।

'एपस्टीन से एक प्रतिनिधिमंडल के दौरान मुलाकात हुई'

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया है कि एपस्टीन फाइल्स में उनका नाम किसी भी आपराधिक या अनुचित कार्य से जुड़ा नहीं है। उन्होंने बताया कि नवंबर 2014 में वे केवल एक निजी नागरिक थे और उस समय उन्होंने रीड हॉफमैन, लिंक्डइन के संस्थापक, से अमेरिका के वेस्ट कोस्ट में मुलाकात की थी।

इस दौरान उन्होंने ईमेल में लिखा कि भारत में डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलें आ रही हैं और हॉफमैन को भारत आने का निमंत्रण देना चाहिए। पुरी ने कहा कि उनका यह संवाद पूरी तरह भारत की प्रगति और अवसरों से संबंधित था, न कि एपस्टीन द्वारा किए गए अपराधों से।

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