सीजेआई सूर्यकांत ने राहुल गांधी से मुलाकात से किया इनकार, एसआईआर विवाद पर बताई वजह

सीजेआई सूर्यकांत ने राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के नेताओं से एसआईआर विवाद पर मुलाकात से इनकार किया। जानिए सीजेआई ने क्या वजह बताई और विपक्ष के पास क्या विकल्प है।;

Update: 2026-10-12 04:52 GMT
नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के नेताओं से मुलाकात करने से इनकार कर दिया है। राहुल गांधी सोमवार को मुख्य न्यायाधीश से मिलकर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन सौंपना चाहते थे। हालांकि, सीजेआई ने कहा कि जिन विषयों पर चर्चा के लिए मुलाकात का अनुरोध किया गया है, वे पहले से ही सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन हैं। ऐसे में इस मुद्दे पर अलग से मुलाकात करना उचित नहीं होगा।

सीजेआई ने क्यों ठुकराया राहुल गांधी का अनुरोध?

सीजेआई सूर्यकांत ने 11 अक्टूबर को राहुल गांधी के आधिकारिक ईमेल का जवाब दिया। इसमें उन्होंने मुलाकात के प्रस्ताव पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। सीजेआई के मुताबिक, राहुल गांधी जिन मुद्दों को लेकर चर्चा करना चाहते हैं, उनसे संबंधित मामले पहले ही अदालत में लंबित हैं।

इस वजह से न्यायिक प्रक्रिया के दौरान किसी पक्ष के प्रतिनिधियों से अलग से मुलाकात करना उचित नहीं माना गया। सीजेआई का यह रुख ऐसे समय आया है जब SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक तथा कानूनी विवाद लगातार जारी है।

विपक्ष के पास अदालत जाने का विकल्प

मुख्य न्यायाधीश ने कथित तौर पर यह भी स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट सरकार के प्रशासनिक कामकाज में सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकता। हालांकि, यदि विपक्षी दलों को लगता है कि उनके मौलिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं तो वे अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, यदि विपक्ष की ओर से एसआईआर से संबंधित कोई याचिका दाखिल की जाती है, तो उस पर मंगलवार को पहले से लंबित SIR मामलों के साथ सुनवाई हो सकती है। यानी अदालत ने न्यायिक रास्ता खुला रखा है, लेकिन व्यक्तिगत मुलाकात के जरिए मामले पर चर्चा करने से इनकार किया है।

राहुल गांधी की क्या थी मांग?

राहुल गांधी ने रविवार को कहा था कि इंडिया ब्लॉक के नेता सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे। विपक्ष की योजना CJI को ज्ञापन सौंपने की थी। इसमें मतदाता सूची के SIR को वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग शामिल थी।

विपक्ष लंबे समय से SIR की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाता रहा है और आरोप लगाता है कि इससे बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करते हुए SIR को मतदाता सूची के सत्यापन और शुद्धीकरण की प्रक्रिया बताता है।

सुप्रीम कोर्ट में पहले से लंबित हैं एसआईआर मामले

एसआईआर विवाद का सुप्रीम कोर्ट से सीधा संबंध भी है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2026 में सीजेआई सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने SIR कराने के चुनाव आयोग के अधिकार को बरकरार रखा था। इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त के कुछ फैसलों को चुनौती देने वाली याचिकाएं भी अदालत में लंबित हैं।

ऐसे में सीजेआई का राहुल गांधी से मुलाकात से इनकार यह संकेत देता है कि SIR जैसे न्यायिक विचाराधीन मामलों पर राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल से अलग बैठक के बजाय अदालत में औपचारिक कानूनी प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी।

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