खराब मौसम के चलते दो दिन बंद रहेगी चारधाम यात्रा, उत्तराखंड के कई जिलों में रेड अलर्ट
उत्तराखंड में भारी बारिश के रेड और ऑरेंज अलर्ट के चलते चारधाम यात्रा दो दिनों के लिए स्थगित कर दी गई है। जानें शनिवार और रविवार को किन जिलों में अलर्ट है।;
गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर यात्रा स्थगित रखने और अपने-अपने जिलों में जरूरी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि मौसम की परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद ही चारधाम यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया फैसला
आयुक्त की ओर से जारी पत्र में मौसम विभाग के पूर्वानुमान का हवाला देते हुए कहा गया है कि भारी बारिश की आशंका और कई क्षेत्रों में जारी रेड अलर्ट को देखते हुए यात्रा को अस्थायी रूप से रोकना जरूरी है। चारधाम यात्रा मार्ग पहाड़ी क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जहां भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने और अन्य जोखिम बढ़ सकते हैं।
जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखें और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। स्थानीय प्रशासन को यात्रा मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।
शनिवार को इन जिलों में रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने 26 सितंबर यानी शनिवार को उत्तराखंड के पांच जिलों के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इनमें बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर शामिल हैं।
इसके अलावा देहरादून, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और अल्मोड़ा में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं हरिद्वार, उत्तरकाशी और टिहरी के लिए येलो अलर्ट है। ऐसे में पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में प्रशासन को मौसम को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
रविवार को भी कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
27 सितंबर यानी रविवार को भी उत्तराखंड के कई हिस्सों में मौसम खराब रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट रहेगा।
इसके अलावा बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से मौसम की स्थिति और आधिकारिक निर्देशों को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाने की अपील की गई है। मौसम में सुधार और यात्रा मार्ग सुरक्षित होने के बाद ही चारधाम यात्रा को फिर से शुरू किया जाएगा।