बृजभूषण सिंह की बरी के खिलाफ महिला पहलवानों की अपील पर 28 सितंबर को सुनवाई, कोर्ट में फिर पहुंचा मामला

बृजभूषण शरण सिंह की बरी के खिलाफ चार महिला पहलवानों की अपील पर 26 सितंबर को राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई होगी। जानें मामले की पूरी कहानी।;

Update: 2026-09-26 07:40 GMT
नई दिल्ली। पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह से जुड़े महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में कानूनी लड़ाई एक बार फिर अदालत पहुंच गई है। चार महिला पहलवानों ने राउज एवेन्यू कोर्ट में 3 अगस्त 2026 के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें ट्रायल कोर्ट ने बृजभूषण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को बरी कर दिया था। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक अपील पर 28 सितंबर 2026 को विशेष न्यायाधीश डिग विनय सिंह के समक्ष सुनवाई सूचीबद्ध है।

महिला पहलवानों ने फैसले को बताया कानूनी रूप से अस्थिर

महिला पहलवानों की ओर से दायर आपराधिक अपील में ट्रायल कोर्ट के फैसले पर कई सवाल उठाए गए हैं। याचिका में दावा किया गया है कि फैसले में उपलब्ध साक्ष्यों का चयनात्मक तरीके से आकलन किया गया और निष्कर्ष अनुमानों पर आधारित रहे। याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा है कि फैसले में यौन उत्पीड़न की शिकायत करने वाली महिलाओं के व्यवहार को लेकर पुरानी और रूढ़िवादी धारणाओं पर भरोसा किया गया।

पहलवानों का कहना है कि शिकायतों में मौजूद कुछ विसंगतियों को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया गया, जबकि मामले में दर्ज बयानों और अन्य साक्ष्यों को समग्र रूप से देखा जाना चाहिए था। यह दलील अब सेशन कोर्ट के सामने रखी गई है और अदालत को यह तय करना है कि अपील पर आगे किस तरह की कार्यवाही की जाए।

बृजभूषण और विनोद तोमर दोनों की बरी को चुनौती

यह अपील केवल बृजभूषण शरण सिंह की बरी के खिलाफ नहीं है, बल्कि पूर्व WFI सहायक सचिव विनोद तोमर को दी गई राहत को भी चुनौती देती है। 3 अगस्त को राउज एवेन्यू कोर्ट की अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने दोनों को मामले में बरी किया था। अदालत ने बृजभूषण के खिलाफ दर्ज छह शिकायतों में से पांच से जुड़े आरोपों पर मुकदमे के बाद फैसला सुनाया था, जबकि एक शिकायत के संबंध में उन्हें पहले ही आरोपों से मुक्त किया जा चुका था।

2023 में शुरू हुआ था विवाद

मामला वर्ष 2023 में सामने आया था, जब छह महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन हुए थे और मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था। दिल्ली पुलिस ने जून 2023 में बृजभूषण सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354ए, 354डी और 506(1) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था।

मई 2024 में ट्रायल कोर्ट ने मामले में आरोप तय किए थे। करीब दो साल चली कानूनी प्रक्रिया के बाद 3 अगस्त 2026 को बृजभूषण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया गया। अब चार महिला पहलवानों की अपील के बाद मामले की न्यायिक समीक्षा का अगला चरण शुरू हो गया है।

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