बांग्लादेश में राम प्रतिमा निर्माण पर विवाद, धमकियों के बाद मंदिर समिति ने रोका काम

बांग्लादेश के रंगपुर संभाग में भगवान राम की निर्माणाधीन प्रतिमा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कथित धमकियों और बढ़ते तनाव के बीच मंदिर समिति ने फिलहाल निर्माण कार्य रोकने का फैसला किया है।;

Update: 2026-06-17 04:48 GMT

ढाका। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय से जुड़े एक धार्मिक स्थल पर भगवान राम की निर्माणाधीन प्रतिमा को लेकर विवाद सामने आया है। रंगपुर संभाग के पलाशबाड़ी क्षेत्र में स्थित मंदिर परिसर में चल रहे प्रतिमा निर्माण कार्य को फिलहाल रोक दिया गया है। मंदिर समिति का कहना है कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव और कथित धमकियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रतिमा निर्माण को लेकर कुछ संगठनों और धार्मिक नेताओं की ओर से आपत्ति जताई गई थी। इसके बाद इलाके में माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिससे मंदिर प्रबंधन ने शांति बनाए रखने के उद्देश्य से काम अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया।

मंदिर समिति ने सौहार्द बनाए रखने की अपील की

मंदिर समिति के एक प्रतिनिधि ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सामाजिक और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने को प्राथमिकता देते हुए निर्माण कार्य रोकने का फैसला लिया गया है।

समिति का कहना है कि भविष्य में स्थानीय समुदाय, प्रशासन और संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील भी की है।

धमकियों के बाद बढ़ी चिंता

विवाद उस समय गहराया जब सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर कुछ कट्टरपंथी तत्वों द्वारा प्रतिमा निर्माण का विरोध किए जाने की खबरें सामने आईं। रिपोर्टों के मुताबिक, निर्माणाधीन प्रतिमा को हटाने और उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।

इन बयानों के बाद स्थानीय हिंदू समुदाय में चिंता बढ़ गई। हालांकि प्रशासन की ओर से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।

भड़काऊ बयानबाजी से तनावपूर्ण हुआ माहौल

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुछ व्यक्तियों द्वारा दिए गए कथित भड़काऊ बयानों ने विवाद को और बढ़ा दिया। इन बयानों के बाद विभिन्न समुदायों के बीच तनाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन सक्रिय हो गए।

विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक मामलों से जुड़े विवादों में संवाद और कानूनी प्रक्रिया को प्राथमिकता देना आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की सामाजिक अशांति को रोका जा सके।

अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटनाक्रम के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सभी समुदायों के अधिकारों की रक्षा और शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

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