आजम खां से जेल में ED की पूछताछ, जौहर ट्रस्ट मामले में बढ़ी हलचल; करीबियों से भी हो चुके हैं सवाल
रामपुर जेल में ED ने जौहर ट्रस्ट मामले में आजम खां से पूछताछ शुरू की। विधायक नसीर अहमद खां और ट्रस्ट से जुड़े अन्य लोगों से भी जांच के तहत सवाल किए जा रहे हैं।;
जौहर ट्रस्ट के फैसलों और फंडिंग पर सवाल
ED की टीम पूछताछ के दौरान ट्रस्ट के कामकाज, महत्वपूर्ण फैसलों और जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि ट्रस्ट में अलग-अलग पदों पर रहे लोगों की क्या भूमिका थी और वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामलों में किसकी क्या जिम्मेदारी रही। हालांकि, पूछताछ के विस्तृत सवालों और आजम खां के जवाबों की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।
विधायक नसीर अहमद खां से सात घंटे हुई पूछताछ
इससे पहले ED ने रामपुर की चमरौआ विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक नसीर अहमद खां से करीब सात घंटे तक पूछताछ की थी। नसीर अहमद जौहर ट्रस्ट के संयुक्त सचिव रह चुके हैं। इसी आधार पर उन्हें समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों ने ट्रस्ट के फैसलों में उनकी भूमिका, दान से जुड़े मामलों और जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्यों पर सवाल किए। शत्रु संपत्ति प्रकरण में उनकी भूमिका को लेकर भी जानकारी मांगी गई। पूछताछ के बाद उन्हें ट्रस्ट में पद से संबंधित दस्तावेजों के साथ दोबारा पेश होने के लिए कहा गया। हालांकि, इन सवालों के संबंध में जांच एजेंसी की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
शत्रु संपत्ति मामले में भी जांच
नसीर अहमद का नाम शत्रु संपत्ति से जुड़े एक मामले में भी सामने आया है, जिसमें आजम खां समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस प्रकरण में आजम खां, उनकी पत्नी तंजीन फात्मा, दोनों बेटों अदीब और अब्दुल्ला आजम, बहन निखत अखलाक तथा नसीर अहमद समेत सात आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था।
जौहर ट्रस्ट की जांच के दौरान आयकर विभाग ने भी नसीर अहमद से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की थी। अब ED की जांच में इस मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
दूसरे ट्रस्टियों से भी पूछताछ की तैयारी
जांच एजेंसी ट्रस्ट से जुड़े अन्य लोगों से भी जानकारी जुटाने की तैयारी में है। इनमें ट्रस्टी शहरयार खां का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। उनसे पूछताछ के जरिए ट्रस्ट के कामकाज और फैसलों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा सकती है। फिलहाल जांच जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई एजेंसी की जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।