अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का बदलेगा स्वरूप, 1140 करोड़ से फोरलेन बन रहा आस्था का पथ

अयोध्या में 1140 करोड़ रुपये की लागत से 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का चौड़ीकरण कर फोरलेन बनाया जा रहा है। दीपोत्सव से पहले सड़क और श्रद्धालु सुविधाएं पूरी करने का लक्ष्य है।;

Update: 2026-10-02 10:34 GMT
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में धार्मिक आस्था के साथ विकास की तस्वीर भी तेजी से बदल रही है। दीपोत्सव से पहले 14 कोसी परिक्रमा मार्ग को नए और आधुनिक स्वरूप में तैयार करने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। करीब 1140 करोड़ रुपये की लागत से 31 किलोमीटर लंबे हिस्से का चौड़ीकरण कर इसे फोरलेन बनाया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को बेहतर सड़क के साथ कई बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

फोरलेन सड़क से सुगम होगा श्रद्धालुओं का सफर

14 कोसी परिक्रमा अयोध्या की सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। हर साल अलग-अलग धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस परिक्रमा में शामिल होते हैं। राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के बीच परिक्रमा मार्ग का चौड़ीकरण यातायात व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

14 कोसी परिक्रमा मार्ग की कुल लंबाई करीब 42 किलोमीटर है। इसमें कुछ हिस्सा पंचकोसी परिक्रमा मार्ग का भी शामिल है। मौजूदा परियोजना के तहत करीब 31 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन बनाने का कार्य किया जा रहा है।

सड़क के साथ मिलेंगी कई आधुनिक सुविधाएं

परिक्रमा मार्ग को सिर्फ चौड़ा ही नहीं किया जा रहा, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाएं भी विकसित की जा रही हैं। मार्ग पर शौचालय, वाटर कियोस्क, टिन शेड, बैठने की जगह और प्रकाश व्यवस्था तैयार की जा रही है।

मोदहा के पास फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है। इससे इस हिस्से में आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिली है। अब दीपोत्सव और दीपावली से पहले परियोजना के बाकी हिस्सों को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।

पीली रेलिंग और रोशनी से आकर्षक होगा परिक्रमा पथ

परियोजना के तहत मार्ग के डिवाइडर पर पीले रंग की रेलिंग लगाई जा रही है। जगह-जगह पौधारोपण के साथ ट्री गार्ड भी लगाए गए हैं। इसके अलावा रात के समय पूरे मार्ग को रोशन करने के लिए आकर्षक लाइटें लगाई जा रही हैं।

अचारी सगरा के पास भी प्रकाश व्यवस्था शुरू हो चुकी है। इससे परिक्रमा मार्ग दिन के साथ रात में भी बदला हुआ नजर आने लगा है। स्वच्छता और बैठने की व्यवस्था को भी अंतिम रूप देने का काम जारी है।

दीपोत्सव से पहले पूरा करने का लक्ष्य

लोक निर्माण विभाग खंड-3 की ओर से परियोजना के अंतिम चरण का काम कराया जा रहा है। विभाग के अधिशासी अभियंता सत्य पाल सिंह के मुताबिक, श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठने, प्रकाश और स्वच्छता जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

परियोजना पूरी होने के बाद प्राचीन धार्मिक परंपरा से जुड़े इस मार्ग पर श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाजनक आवागमन मिलने की उम्मीद है। साथ ही, आधुनिक सुविधाओं से सजा परिक्रमा पथ अयोध्या के धार्मिक पर्यटन और शहर की बदलती तस्वीर को भी नया आयाम दे सकता है।

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