केजरीवाल का मोदी पर हमला, बोले- 12 साल में सबसे ज्यादा कमाई किसने की? SIR पर भी साधा निशाना

अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी पर परिवारवाद, दलबदल और SIR को लेकर निशाना साधा। अडानी और जय शाह का नाम लेते हुए उन्होंने सरकार पर कई आरोप लगाए।;

Update: 2026-09-29 05:12 GMT

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में देश में सबसे ज्यादा आर्थिक तरक्की अडानी और राजनीतिक तरक्की जय शाह की हुई है। एक मीडिया कार्यक्रम में बोलते हुए केजरीवाल ने इसे परिवारवाद से जोड़ते हुए मोदी सरकार पर कई सवाल उठाए।

केजरीवाल ने कहा कि 2014 में लोगों को एक नए चेहरे और नई ऊर्जा से काफी उम्मीदें थीं। उनके मुताबिक, तब यह धारणा थी कि प्रधानमंत्री मोदी के परिवार का राजनीतिक प्रभाव नहीं है और इसलिए सरकार परिवारवाद से अलग काम करेगी। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि बाद के वर्षों में इसके उलट स्थिति दिखाई दी।

‘अडानी को भाई और जय शाह को भतीजा बताया’

केजरीवाल ने अपने बयान में उद्योगपति गौतम अडानी को प्रधानमंत्री मोदी का ‘भाई’ और जय शाह को ‘भतीजा’ कहकर राजनीतिक तंज किया। उन्होंने दावा किया कि 12 वर्षों के दौरान अडानी ने सबसे ज्यादा आर्थिक प्रगति की, जबकि युवाओं में जय शाह की तरक्की सबसे ज्यादा रही।

ये टिप्पणियां केजरीवाल का राजनीतिक आरोप और उनकी व्याख्या हैं। उन्होंने अपने बयान में मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों और कारोबारी संबंधों पर भी सवाल उठाए।

दलबदल पर बोले- इसे ‘चाणक्य’ कहना गलत

AAP नेता ने राजनीतिक दलों में विधायकों और सांसदों के दलबदल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पहले दल बदलने और विधायकों की खरीद-फरोख्त को अनैतिक माना जाता था, जबकि अब ऐसे राजनीतिक घटनाक्रमों को रणनीति के तौर पर पेश किया जाता है।

केजरीवाल ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में विधायक पाला बदल चुके हैं और इसके पीछे राजनीतिक दबाव, जांच एजेंसियों तथा पैसे के इस्तेमाल जैसे आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने ऐसे मामलों में ‘चाणक्य’ शब्द के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई।

SIR और चुनाव आयोग पर भी निशाना

केजरीवाल ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की जरूरत है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़े अभियान का भी जिक्र किया।

हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि SIR कानूनी प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए चलाया जा रहा है। हालिया विवाद के बीच आयोग ने मतदाता सत्यापन प्रक्रिया की समीक्षा और कुछ प्रक्रियागत बदलावों की जानकारी भी दी है।

‘12 साल कम नहीं होते’

केजरीवाल ने मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस अवधि में देश के विभिन्न क्षेत्रों में सरकार के प्रदर्शन का हिसाब लिया जाना चाहिए। उन्होंने बैंकिंग, रेलवे, एयरलाइन और विदेश नीति समेत कई क्षेत्रों का जिक्र किया और सरकार की नीतियों की आलोचना की।

उनके बयानों पर भाजपा की प्रतिक्रिया इस खबर के लिए उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है। इसलिए केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों को राजनीतिक दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

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