‘दो दिन में ही समझ आया अनशन कितना कठिन’, अभिजीत दीपके बोले- मेरी हालत बिगड़ गई, फिर भी आंदोलन जारी रहेगा
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि भूख हड़ताल का दूसरा दिन ही उनके लिए बेहद कठिन रहा। सोनम वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बाद उन्होंने अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया और 20 जुलाई के संसद मार्च की पुष्टि की।;
अभिजीत दीपके ने यह बयान उस समय दिया जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य कारणों से जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है। वांगचुक के अस्पताल ले जाए जाने के बाद दीपके ने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए स्वयं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की थी।
‘दूसरे दिन ही हालत खराब हो गई’
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि उनके अनशन का दूसरा दिन है और अब उन्हें महसूस हो रहा है कि लगातार बिना भोजन के रहना कितना मुश्किल होता है।
उन्होंने कहा कि अब उन्हें समझ में आ रहा है कि सोनम वांगचुक और अन्य लोग इतने दिनों से किस कठिन परिस्थिति में अनशन कर रहे हैं। दीपके ने सभी अनशनकारियों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि यह आसान काम नहीं है और इसके लिए मानसिक तथा शारीरिक दोनों स्तर पर मजबूत इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है।
संसद मार्च के लिए ऊर्जा बचाने की बात कही
अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वह फिलहाल ज्यादा लोगों से मुलाकात या लंबी बातचीत नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि अपनी ऊर्जा 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च के लिए सुरक्षित रखना चाहते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा और उनकी भूख हड़ताल भी तब तक जारी रहेगी, जब तक आंदोलन की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती।
20 जुलाई को संसद मार्च की तैयारी
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया है। संगठन का कहना है कि यह मार्च शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा कथित परीक्षा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई जाएगी।
इस बीच सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने भी कहा है कि प्रस्तावित संसद मार्च तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होगा। उन्होंने संकेत दिया कि यदि स्वास्थ्य अनुमति देगा तो वांगचुक भी इसमें शामिल होने का प्रयास करेंगे।
वांगचुक अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में
शनिवार को दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया था। पुलिस के अनुसार यह कदम चिकित्सकीय सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया। अस्पताल प्रशासन ने बताया है कि लंबे उपवास के कारण उनके शरीर में कमजोरी और पानी की कमी के लक्षण हैं, हालांकि उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक 28 जून से कथित NEET परीक्षा अनियमितताओं, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। आंदोलन को विभिन्न छात्र संगठनों और विपक्षी नेताओं का भी समर्थन मिल रहा है।