आप विधायक हरमीत पठानमाजरा गिरफ्तार: दुष्कर्म केस में चल रहे थे फरार, पटियाला पुलिस ने ग्वालियर से पकड़ा
सनौर के आप विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को पंजाब पुलिस ने ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया है। पठानमाजरा पिछले साल सितंबर में दर्ज हुए एक दुष्कर्म केस में फरार चल रहे थे।
ग्वालियर। दुष्कर्म के केस में फंसे आम आदमी पार्टी के सनाैर विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को पटियाला पुलिस ने मध्य प्रदेश में ग्वालियर के नजदीक से गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी वरुण शर्मा ने इसकी पुष्टि की।
पठानमाजरा बीते कई महीनों से फरार चल रहे थे। पठान माजरा पर सितंबर में पटियाला के सिविल लाइन थाने में जीरकपुर की एक महिला की शिकायत पर दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया था। बाद में जब इस केस में पटियाला पुलिस पठानमाजरा को गिरफ्तार करने के लिए हरियाणा के गांव में पहुंची तो वहां से पठान माजरा फरार हो गए थे।
फरारी के दौरान लगातार जारी करता रहा था वीडियो
पठान माजरा पर आरोप लगे थे कि वह पुलिस पार्टी पर हमला करके फरार हुए हैं। हालांकि बाद में फरारी के दौरान उनके ऑस्ट्रेलिया में होने की बात सामने आई। इस दौरान पठानमाजरा लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी करके अपनी ही सरकार पर हमलावर रहे। उन्होंने सरकार पर बदले की राजनीति से उनके खिलाफ पर्चा दर्ज करने का आरोप लगाया।
पठानमाजरा ने कहा कि उन्होंने बाढ़ के दौरान अपने सनौर हलके के लोगों के हकों के लिए सरकार के खिलाफ आवाज उठाई थी, इसी के चलते उन पर कार्रवाई हुई है।
विधायक पठानमाजरा पर क्या हैं आरोप
दरअसल, बीते सितंबर 2025 में सिविल लाइंस थाने में एक महिला ने विधायक हरमीत पठानमाजरा के खिलाफ रेप, धोखाधड़ी और धमकी के आरोप में केस दर्ज करवाया था। महिला जीरकपुर की रहने वाली है और उसने कहा था कि विधायक ने खुद को तलाकशुदा बताया था और उससे संबंध बनाए थे। इसके बाद साल 2021 में उससे शादी की थी, जबकि वह पहले से शादीशुदा थे।
महिला ने यह दावा भी किया था कि विधायक ने उन्हें अश्लील सामग्री भेजी, धमकियां दीं और उसका शोषण किया। इस शिकायत के बाद से ही विधायक फरार बताए जा रहे थे।
विधायक ने वीडियो जारी कर दी थी सफाई
इसके बाद विधायक पठानमाजरा ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि वह फरार नहीं हुए हैं बल्कि 'फर्जी मुठभेड़' से बचने के लिए भागे हैं। विधायक ने दावा किया था कि पुलिस ने उनकी कार पर फायरिंग की थी। भगवान की दया थी कि वह बच सके। वीडियो जारी करने का यह मामला नवंबर 2025 का है।
वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हरमीत सिंह पठानमाजरा के आवास और अन्य जगहों पर कई बार छापेमारी की गई, लेकिन उन्हें पकड़ा नहीं जा सका। इसके अलावा, विपक्षी दल भी लगातार आप सरकार और पुलिस पर हमलावर दिखे और गिरफ्तारी में हो रही देरी पर सवाल उठाए। हालांकि, अब विधायक पठानमाजरा पुलिस हिरासत में हैं।