रणनीति तय करने के लिए किसानों की बैठक आज
4 जनवरी को सरकार के साथ होने होने वाली बैठक के लिए सिंघु बॉर्डर पर आज अन्नदाताओं के संगठनों की बैठक है
मोदी सरकार के कृषि कानूनों को लेकर अन्नदाताओं और सरकार के बीच गतीरोध बना हुआ है. अभी तक सरकार और अन्नदाताओं के बीच 7 दौर की बातचीत हो चुकी है. लेकिन अबतक पूरा समाधान नहीं निकल पाया है. 4 जनवरी को सरकार के साथ होने होने वाली बैठक के लिए सिंघु बॉर्डर पर आज अन्नदाताओं के संगठनों की बैठक है. अन्नदाताओं के आंदोलन का आज 37वां दिन है. सिंघु बॉर्डर पर आज 80 किसान संगठनों की 2 बजे बैठक है. माना जा रहा है कि अन्नदाता अगले दौर की बातचीत के लिए रणनीति बनाएंगे. कृषि कानूनों को लेकर अन्नदाता और सरकार के बीच सात दौर की बातचीत हो चुकी है. लेकिन अबतक बातचीत से अन्नदाताओं की मांगो का पूरा समाधान नहीं निकल सका है. सरकार और अन्नदाताओं के बीच दो मुद्दों पर सहमती बन चुकी है. लेकिन अन्नदाताओं की जो प्रमुख मांगे है. उस पर गतिरोध बना हुआ है. सरकार एमएसपी पर लिखित आश्वासन देने को भी तैयार है. लेकिन पहले किसान अपना आंदोलन वापस लें. लेकिन कृषि बिल को वापस लेने के लिए सरकार तैयार नहीं हैं. सरकार कानून में संशोधन करने के लिए तैयार है. लेकिन किसान संगठन अड़े हुए हैं कि बिल पूरी तरह से वापस हो. जिस कारण बैठक में भी कोई रास्ता नहीं निकल पाया. अब इन दोनों मुद्दों पर समाधान निकालने के लिए चार जनवरी को सरकार और अन्नदाताओ के बीच आठवें दौर की बैठक होगी. अन्नदाताओं को उम्मीद ये ही है कि नए साल में सरकार और अन्नदाताओं के बीच बात बन जाएगी.