बेटी आराध्या से क्यों डरते हैं अभिषेक बच्चन? इंटरव्यू में किया दिलचस्प खुलासा

यह सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन इसके पीछे की वजह बेहद मानवीय और संवेदनशील है। अभिषेक का कहना है कि वह अपनी बेटी की सच्ची प्रतिक्रिया सुनने के लिए अभी खुद को तैयार नहीं मानते।;

Update: 2026-04-22 11:03 GMT
मुंबई। अभिनेता अभिषेक बच्चन, जिन्होंने साल 2000 में फिल्म ‘रिफ्यूजी’ से बॉलीवुड में कदम रखा था, अपने करियर और निजी जीवन को लेकर अक्सर खुलकर बात करते हैं। उन्होंने कई बार यह स्वीकार किया है कि उनकी पत्नी और अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन उनके काम की सबसे बड़ी आलोचक और ईमानदार समीक्षक हैं। हालांकि, हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अभिषेक ने एक दिलचस्प और भावनात्मक पहलू साझा किया- वह अपनी बेटी आराध्या बच्चन से अपनी फिल्मों पर राय लेने से बचते हैं। यह सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन इसके पीछे की वजह बेहद मानवीय और संवेदनशील है। अभिषेक का कहना है कि वह अपनी बेटी की सच्ची प्रतिक्रिया सुनने के लिए अभी खुद को तैयार नहीं मानते।

ऐश्वर्या से लेते हैं खुलकर फीडबैक

अभिषेक बच्चन के लिए ऐश्वर्या राय सिर्फ जीवनसाथी ही नहीं, बल्कि एक सख्त और ईमानदार क्रिटिक भी हैं। वह अक्सर अपने काम को लेकर ऐश्वर्या की राय जानने के लिए उत्सुक रहते हैं। उन्होंने कई इंटरव्यू में बताया है कि ऐश्वर्या बिना किसी लाग-लपेट के उनकी फिल्मों और अभिनय पर अपनी राय रखती हैं। यही वजह है कि अभिषेक उनके फीडबैक को बेहद गंभीरता से लेते हैं और उसे अपने काम में सुधार के लिए इस्तेमाल करते हैं।

आराध्या से राय क्यों नहीं लेते?

इसके उलट, जब बात उनकी बेटी आराध्या की आती है, तो अभिषेक का नजरिया पूरी तरह बदल जाता है। उन्होंने साफ कहा कि वह जानबूझकर अपनी बेटी से अपनी फिल्मों के बारे में कुछ नहीं पूछते। अभिषेक ने कहा, “मैं उनसे कभी उनकी प्रतिक्रिया के बारे में पूछूंगा ही नहीं। मैं यह बात अपने मन में ही रहने दूंगा।” उन्होंने आगे समझाया कि अगर एक बार आराध्या ने अपनी सच्ची राय दे दी—चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक—तो इससे उनके काम को लेकर उनकी सोच प्रभावित हो सकती है।

सच्चाई सुनने के लिए नहीं हैं तैयार

अभिषेक बच्चन ने बेहद ईमानदारी से स्वीकार किया कि वह अभी उस स्थिति में नहीं हैं कि अपनी बेटी की पूरी तरह सच्ची और निष्पक्ष राय को सहजता से स्वीकार कर सकें। उन्होंने कहा, “हो सकता है कि जो वो कहें, वह सुनने के लिए मैं अभी इतना मजबूत नहीं हूं।” यह बयान उनके एक पिता के रूप में भावनात्मक पक्ष को दर्शाता है। एक कलाकार होने के बावजूद, वह अपनी बेटी की नजर में खुद को लेकर किसी भी तरह की आलोचना या असहमति को झेलने के लिए खुद को तैयार नहीं मानते।

भ्रम में रहना पसंद करते हैं अभिषेक

अभिषेक ने यह भी कहा कि वह इस अनिश्चितता या ‘भ्रम’ में रहना ही बेहतर समझते हैं कि उनकी बेटी को उनका काम पसंद है या नहीं। उनके अनुसार, कभी-कभी अनजाने में रहना, सच्चाई जानने से ज्यादा आसान होता है—खासकर तब, जब बात अपने सबसे करीबी रिश्ते की हो। यह सोच यह भी दिखाती है कि एक अभिनेता के तौर पर जितनी अहम उनके लिए दर्शकों की राय है, उतनी ही संवेदनशील वह अपने परिवार की राय को लेकर भी हैं।

एक पिता और अभिनेता के बीच संतुलन

अभिषेक बच्चन का यह बयान उनके व्यक्तित्व के दो पहलुओं एक अभिनेता और एक पिता के बीच के संतुलन को उजागर करता है। जहां एक ओर वह अपने पेशेवर जीवन में आलोचना को स्वीकार करते हैं और उससे सीखते हैं, वहीं दूसरी ओर अपने निजी जीवन में कुछ भावनात्मक सीमाएं तय करना पसंद करते हैं। यह एक सामान्य मानवीय प्रतिक्रिया भी है, जहां व्यक्ति अपने करीबी रिश्तों में आलोचना से बचना चाहता है, खासकर तब जब वह भावनात्मक रूप से गहराई से जुड़ा हो।

आने वाली फिल्मों को लेकर चर्चा

वर्क फ्रंट की बात करें तो अभिषेक बच्चन आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं। इनमें ‘राजा शिवाजी’ जैसी ऐतिहासिक फिल्म शामिल है, जिसे लेकर काफी उत्साह है। इसके अलावा वह शाहरुख खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘किंग’ में भी अहम भूमिका निभाते दिखाई देंगे। इस फिल्म में कई बड़े सितारों की मौजूदगी के चलते पहले से ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्सुकता बनी हुई है।
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