मुंबई। हर साल ईद का त्योहार बॉलीवुड के लिए बड़ी रिलीज का मौका लेकर आता है। इस बार 19 मार्च को टिकट खिड़की पर दो बहुप्रतीक्षित और बड़े बजट की फिल्में एक साथ दस्तक देने जा रही हैं—रणवीर सिंह अभिनीत ‘धुरंधर: द रिवेंज’ और यश स्टारर ‘टॉक्सिक’। दोनों फिल्मों का एक ही दिन रिलीज होना फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा और बहस का विषय बना हुआ है। फिल्मकार संजय गुप्ता का मानना है कि इस टकराव का असर दोनों फिल्मों की कमाई पर पड़ेगा। उन्होंने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में बॉक्स ऑफिस क्लैश के आर्थिक और व्यावहारिक पहलुओं पर खुलकर बात की।
दो बड़े सितारे, दो बड़ी उम्मीदें
रणवीर सिंह की ‘धुरंधर: द रिवेंज’ एक हाई-ऑक्टेन एक्शन ड्रामा बताई जा रही है, जिसका ट्रेलर और पोस्टर पहले ही दर्शकों के बीच उत्सुकता जगा चुके हैं। दूसरी ओर, ‘टॉक्सिक’ में केजीएफ फेम यश नजर आएंगे। पैन-इंडिया अपील रखने वाली इस फिल्म को लेकर दक्षिण और उत्तर भारत दोनों में जबरदस्त उत्साह है। ईद के मौके पर रिलीज होने का मतलब है कि दोनों फिल्मों को शुरुआती दिनों में बड़ा दर्शक वर्ग मिल सकता है। लेकिन एक ही दिन रिलीज होने से स्क्रीन बंटवारा, शो टाइमिंग और दर्शकों का ध्यान विभाजित होना तय है।
“दोनों एक-दूसरे की कमाई खाएंगी”
कांटे और काबिल जैसी फिल्मों के निर्देशक संजय गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह का टकराव दोनों फिल्मों के लिए नुकसानदेह हो सकता है।उन्होंने कहा, “मैं तो दोनों ही फिल्में देखूंगा, लेकिन दुर्भाग्य से दोनों फिल्में साथ रिलीज हो रही हैं। दोनों ही फिल्में बहुप्रतीक्षित हैं। दोनों एक-दूसरे की कमाई खाएंगी।” संजय गुप्ता का मानना है कि जब दो बड़ी फिल्में एक ही दिन रिलीज होती हैं, तो दर्शकों का वर्ग बंट जाता है। इससे ओपनिंग कलेक्शन पर सीधा असर पड़ता है।
‘काबिल’ बनाम ‘रईस’ का उदाहरण
संजय गुप्ता ने साल 2017 का उदाहरण भी दिया, जब उनकी निर्देशित फिल्म ‘काबिल’ शाहरुख खान अभिनीत ‘रईस’ के साथ रिलीज हुई थी। उन्होंने कहा, “यह कुछ वैसा ही है, जब मेरी फिल्म ‘काबिल’ ‘रईस’ के साथ रिलीज हुई थी। अगर दोनों फिल्में अलग-अलग दिनों पर रिलीज होतीं और टकराव न होता, तो दोनों को ही फायदा होता।” उस समय भी दोनों फिल्मों को अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी, लेकिन ट्रेड विश्लेषकों का मानना था कि अगर रिलीज डेट अलग होती तो दोनों का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और ज्यादा हो सकता था।
भारतीय दर्शकों की जेब पर असर
संजय गुप्ता ने अपने बयान में एक अहम आर्थिक पहलू भी उठाया। उन्होंने कहा, “हमें यह समझना पड़ेगा कि हम बहुत अमीर देश नहीं हैं। हमारे लोगों के पास इतने पैसे नहीं हैं कि वे एक के बाद एक दो फिल्में साथ देख सकें। ऐसे बहुत से लोग हैं, जो एक महीने में दो फिल्में नहीं देख सकते।” भारत में मल्टीप्लेक्स टिकट की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। बड़े शहरों में एक फिल्म देखने का खर्च पॉपकॉर्न और अन्य खर्चों के साथ काफी अधिक हो जाता है। ऐसे में दर्शक अक्सर प्राथमिकता तय करते हैं कि किस फिल्म को पहले देखा जाए।
स्क्रीन और शो टाइम की चुनौती
बॉक्स ऑफिस क्लैश का एक बड़ा असर स्क्रीन बंटवारे पर भी पड़ता है। मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों को तय करना होता है कि किस फिल्म को कितनी स्क्रीन और कितने शो दिए जाएं। अगर किसी फिल्म को अपेक्षाकृत ज्यादा स्क्रीन मिलती है, तो दूसरी फिल्म के कलेक्शन पर असर पड़ सकता है। वहीं, शुरुआती वर्ड ऑफ माउथ भी अहम भूमिका निभाता है। जिस फिल्म को पहले दिन बेहतर प्रतिक्रिया मिलती है, वह आगे बढ़त बना सकती है।
ईद रिलीज का महत्व
ईद का समय पारंपरिक रूप से बड़े सितारों के लिए अनुकूल माना जाता है। छुट्टियों और त्योहार के माहौल में परिवारों के साथ सिनेमाघर जाने की परंपरा रही है। ऐसे में निर्माता अक्सर इस मौके को भुनाने की कोशिश करते हैं। लेकिन जब दो बड़े सितारों की फिल्में एक ही दिन रिलीज होती हैं, तो प्रतिस्पर्धा और भी तीखी हो जाती है।
ट्रेड सर्किल में चर्चा तेज
फिल्म ट्रेड से जुड़े विशेषज्ञों के बीच भी इस टकराव को लेकर अलग-अलग राय है। कुछ का मानना है कि अगर दोनों फिल्मों की शैली और दर्शक वर्ग अलग हैं, तो वे समानांतर रूप से अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं। वहीं, कई विश्लेषकों का कहना है कि शुरुआती वीकेंड में कलेक्शन का बड़ा हिस्सा प्रभावित होगा, क्योंकि दर्शकों का ध्यान बंट जाएगा।
क्या बदलेगी रिलीज डेट?
अभी तक दोनों फिल्मों की रिलीज डेट 19 मार्च ही तय है। हालांकि इंडस्ट्री में अक्सर आखिरी समय में रिलीज डेट में बदलाव देखने को मिलता है, खासकर तब जब क्लैश से बचने की संभावना हो। निर्माता और वितरक बॉक्स ऑफिस के संभावित आंकड़ों और प्रतिस्पर्धा का आकलन करके अंतिम फैसला लेते हैं।
रणनीति का महत्व
रणवीर सिंह की ‘धुरंधर: द रिवेंज’ और यश की ‘टॉक्सिक’ का ईद पर आमना-सामना इस साल का सबसे बड़ा बॉक्स ऑफिस क्लैश माना जा रहा है। दोनों फिल्मों को लेकर दर्शकों में उत्साह है, लेकिन संजय गुप्ता जैसे अनुभवी फिल्मकार का मानना है कि यह टकराव दोनों की कमाई को प्रभावित करेगा।
अब देखना यह है कि दर्शक किस फिल्म को प्राथमिकता देते हैं, या फिर दोनों फिल्में अपने-अपने दम पर बॉक्स ऑफिस पर मजबूत प्रदर्शन करती हैं। ईद का यह मुकाबला न केवल सितारों की लोकप्रियता की परीक्षा होगा, बल्कि रिलीज रणनीति के महत्व को भी रेखांकित करेगा।