‘सतलज’ हटाने पर बढ़ा विवाद: दिलजीत और अन्‍य कलाकारों ने जताई नाराजगी, सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा की आशंका जताई

फिल्म में जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका निभाने वाले अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने फिल्म हटाए जाने पर अपनी नाराजगी जाहिर की। इंस्टाग्राम लाइव के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से आशंका थी कि फिल्म अधिक समय तक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं रहेगी।;

Update: 2026-07-06 11:12 GMT

मुंबई: मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘सतलज’ (पूर्व नाम पंजाब 95) एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज किए जाने के महज तीन दिन बाद हटा लिया गया। प्लेटफॉर्म ने फिल्म हटाने का विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया, जिसके बाद फिल्म उद्योग से जुड़े कई कलाकारों और फिल्मकारों ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। वहीं, केंद्र सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि फिल्म की कुछ सामग्री के संभावित दुरुपयोग को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आई हैं।

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दिलजीत दोसांझ ने जताई नाराजगी

फिल्म में जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका निभाने वाले अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने फिल्म हटाए जाने पर अपनी नाराजगी जाहिर की। इंस्टाग्राम लाइव के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से आशंका थी कि फिल्म अधिक समय तक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म अब लोगों तक पहुंच चुकी है और इंटरनेट पर आई सामग्री को पूरी तरह हटाना आसान नहीं होता।

दिलजीत ने अपने प्रशंसकों से फिल्म को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की। हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि कॉपीराइट वाली सामग्री को बिना अनुमति डाउनलोड करना या साझा करना कानून का उल्लंघन हो सकता है। बाद में ZEE5 ने भी आधिकारिक बयान जारी कर दर्शकों से पायरेसी का समर्थन न करने की अपील की और कहा कि प्लेटफॉर्म फिल्म को दोबारा उपलब्ध कराने के लिए प्रयास कर रहा है।

कलाकारों ने फैसले पर उठाए सवाल

फिल्म हटाए जाने के बाद अभिनेता रणवीर शौरी ने सोशल मीडिया पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि वह लंबे समय से इस फिल्म का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने लिखा कि भारत जैसी समृद्ध कहानी कहने की परंपरा वाले देश में फिल्मों और कहानियों को दबाने की प्रवृत्ति चिंता का विषय है।

अभिनेत्री सोनी राजदान और फिल्म निर्माता संजय गुप्ता ने भी फिल्म हटाए जाने पर निराशा व्यक्त की। वहीं, फिल्म के वरिष्ठ अभिनेता कंवलजीत सिंह ने बताया कि उन्हें फिल्म को लेकर दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। उन्होंने कहा कि अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का फोन आकर फिल्म की सराहना करना उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि थी।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बहस

कंवलजीत सिंह ने इस विवाद के बीच अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी फिल्म को दर्शकों तक पहुंचने का अवसर ही नहीं मिलेगा, तो उसके बारे में निष्पक्ष राय कैसे बन सकेगी। उनके अनुसार, किसी भी रचनात्मक कृति का मूल्यांकन दर्शकों और कानून के दायरे में होना चाहिए।

हरभजन सिंह ने फिल्म की सराहना की

पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी फिल्म देखने के बाद इसकी प्रशंसा की। सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने जसवंत सिंह खालड़ा के साहस और मानवाधिकारों से जुड़े उनके कार्यों का उल्लेख किया। हरभजन ने लिखा कि राज्य की शक्ति का उपयोग नागरिकों की सुरक्षा के लिए होना चाहिए और किसी भी तरह के कथित दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने फिल्म के निर्देशक हनी त्रेहान और अभिनेता दिलजीत दोसांझ के अभिनय की भी सराहना की।

सरकार से जुड़े सूत्रों ने क्या कहा?

इस पूरे विवाद के बीच केंद्र सरकार से जुड़े सूत्रों ने दावा किया कि फिल्म के कुछ हिस्सों का भारत विरोधी तत्वों द्वारा दुरुपयोग किए जाने की आशंका है। सूत्रों के अनुसार, चिंता यह है कि फिल्म के कुछ दृश्य या संवाद खालिस्तान समर्थक प्रचार के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं, विशेषकर पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले। सूत्रों का कहना है कि ऐसे मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से कोई औपचारिक सार्वजनिक आदेश या विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।

क्यों विवादों में रही ‘सतलज’?

‘सतलज’ की यात्रा शुरुआत से ही विवादों से जुड़ी रही है। यह फिल्म पहले ‘पंजाब 95’ नाम से बनाई गई थी और 2023 में पूरी हो गई थी। बाद में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने शीर्षक और कुछ दृश्यों पर आपत्ति जताई, जिसके बाद फिल्म का नाम बदलकर ‘सतलज’ कर दिया गया। फिल्म का विश्व प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ था, जहां इसे सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। इसके बाद इसे 7 फरवरी 2025 को चुनिंदा देशों में रिलीज किया गया और 2 जुलाई 2026 को ZEE5 पर स्ट्रीम किया गया। 5 जुलाई को प्लेटफॉर्म ने फिल्म को अगली सूचना तक हटा लिया।

बहस अभी जारी

फिल्म हटाए जाने के बाद सेंसरशिप, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर नई बहस शुरू हो गई है। एक ओर फिल्म से जुड़े कलाकार फैसले पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार से जुड़े सूत्र सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला दे रहे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि फिल्म दोबारा प्लेटफॉर्म पर लौटती है या नहीं और इस पूरे मामले पर संबंधित पक्षों की ओर से आगे क्या आधिकारिक निर्णय सामने आता है।

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