नई दिल्ली: पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की लगातार जारी भूख हड़ताल अब स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का विषय बन गई है। वह जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में पिछले 18 दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। आंदोलन का केंद्र बिंदु कथित परीक्षा अनियमितताओं, विशेषकर NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लंबे समय से भोजन त्यागने के कारण वांगचुक का वजन लगभग 8.5 किलोग्राम कम हो चुका है। उनकी शारीरिक स्थिति को लेकर समर्थकों के साथ-साथ फिल्म और कला जगत की कई हस्तियों ने भी चिंता व्यक्त की है।
बॉलीवुड कलाकारों ने की अनशन समाप्त करने की अपील
वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए कई अभिनेता, लेखक और कलाकार सार्वजनिक रूप से उनसे अनशन समाप्त करने की अपील कर चुके हैं। इन हस्तियों का कहना है कि सामाजिक बदलाव की लड़ाई लंबी होती है और इसके लिए वांगचुक का स्वस्थ रहना जरूरी है। हाल के दिनों में ओमी वैद्य, जीनत अमान, शबाना आजमी, अभय देओल, सोनी राजदान, श्रेया धनवंतरी, पूजा बत्रा और वरुण ग्रोवर सहित कई प्रमुख हस्तियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी चिंता व्यक्त की है।
शबाना आजमी ने कहा- देश को आपकी जरूरत है
अभिनेत्री शबाना आजमी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर सोनम वांगचुक की तस्वीर साझा करते हुए भावनात्मक संदेश लिखा। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे लोगों की आवश्यकता है, जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं और छात्रों के भविष्य के लिए संघर्ष करते हैं। उन्होंने वांगचुक से अपील की कि वे अपना अनशन समाप्त करें ताकि भविष्य में भी समाज और छात्रों का मार्गदर्शन कर सकें। शबाना ने कहा कि किसी भी आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए आंदोलनकारी का स्वस्थ रहना उतना ही आवश्यक है।
जीनत अमान ने संवाद की जरूरत बताई
अभिनेत्री जीनत अमान ने भी सोशल मीडिया पर वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता जताई। उन्होंने लिखा कि जब उन्होंने वांगचुक से अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया, तो उनका जवाब था कि उनसे अनशन खत्म करने के बजाय सरकार से बातचीत शुरू करने की अपील की जाए। जीनत अमान ने वांगचुक के सामाजिक कार्यों और पर्यावरण संरक्षण में उनके योगदान की भी सराहना की।
अभय देओल, सोनी राजदान और अन्य कलाकारों का समर्थन
अभिनेता अभय देओल ने भी सोशल मीडिया पर वांगचुक की तस्वीर साझा कर चिंता व्यक्त की। उनके पोस्ट पर अभिनेत्री कल्कि केकला ने भी प्रतिक्रिया दी।
वहीं, अभिनेत्री सोनी राजदान ने अपने संदेश में कहा कि वांगचुक देश के लिए महत्वपूर्ण आवाज हैं और उन्हें स्वस्थ रहकर अपनी लड़ाई जारी रखनी चाहिए। उन्होंने भावुक अपील करते हुए लिखा कि देश को उनकी जरूरत है और उन्हें अपनी सेहत का भी ध्यान रखना चाहिए। अभिनेत्री पूजा बत्रा ने भी लोगों से वांगचुक के आंदोलन के प्रति समर्थन जताने की अपील की।
I hate that I’m about to say this but please sir, consider ending your fast. Sonam Wangchuk is using a peaceful expression of rebellion against a government that has shown little to no moral conscience. Sir, you cannot reason with an apathetic state. https://t.co/xdTU1zgsI8
— Shreya Dhanwanthary (@shreyadhan13) July 14, 2026
श्रेया धनवंतरी ने साझा किया वांगचुक का संदेश
अभिनेत्री श्रेया धनवंतरी ने बताया कि उन्होंने स्वयं वांगचुक से अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था। उनके अनुसार, वांगचुक ने शांत स्वर में जवाब दिया कि उनसे अनशन खत्म करने के लिए न कहा जाए, बल्कि सरकार से यह पूछा जाए कि वह बातचीत क्यों नहीं कर रही। श्रेया ने लिखा कि लंबे अनशन के कारण वांगचुक की मांसपेशियों पर असर पड़ रहा है और उन्हें लगातार शारीरिक तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है।
Maybe CJP and Mr. Wangchuk started this hunger strike under the delusion that the govt has a heart for students killed/traumatised by NEET paper leak.
— वरुण 🇮🇳 (@varungrover) July 14, 2026
Maybe they were under no illusions but at least hoped for a tsunami of support from the students they are protesting for.
Or… pic.twitter.com/VnsOUNhHBb
वरुण ग्रोवर ने भी रखी अपनी बात
गीतकार, लेखक और फिल्म निर्माता वरुण ग्रोवर ने भी सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आंदोलन और छात्रों से जुड़े व्यापक सवालों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर गंभीर संवाद की आवश्यकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आंदोलन से जुड़े पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता निकले।
आंदोलन की प्रमुख मांगें
सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार के सामने दो प्रमुख मांगें रखी थीं। पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जुड़ी है, जबकि दूसरी लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की है। वांगचुक ने कहा था कि यदि सरकार इन दोनों में से किसी एक मांग पर भी सकारात्मक निर्णय लेती है, तो वह अपना अनशन समाप्त करने पर विचार करेंगे।
स्वास्थ्य और आंदोलन दोनों पर नजर
वर्तमान में वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। समर्थक, सामाजिक संगठन और सार्वजनिक जीवन से जुड़े कई लोग उनसे स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की अपील कर रहे हैं। दूसरी ओर, आंदोलन से जुड़े लोग अपनी मांगों पर सरकार के साथ संवाद की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।