मुंबई/नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा के लिए यह सप्ताह गहरे दुख का रहा। उनके पिता सुनील मल्होत्रा का शनिवार को दिल्ली में निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे और उम्र संबंधी व स्वास्थ्य जटिलताओं से जूझ रहे थे। परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, उन्होंने डिफेंस कालोनी स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। सिद्धार्थ मल्होत्रा पत्नी कियारा आडवाणी के साथ दिल्ली पहुंचे और पिता के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया। इस दुखद खबर के बाद फिल्म उद्योग और प्रशंसकों ने शोक व्यक्त किया है।
परिवार की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
सूत्रों के मुताबिक, सुनील मल्होत्रा की तबीयत लंबे समय से ठीक नहीं थी। वे पैरालिसिस के कारण व्हीलचेयर पर थे और घर पर ही चिकित्सा देखभाल मिल रही थी। शनिवार को उनके निधन के बाद परिवार, रिश्तेदारों और करीबी मित्रों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की गईं। सिद्धार्थ और कियारा दोनों दिल्ली में परिवार के साथ हैं। अभिनेता अपने पिता के काफी करीब माने जाते थे और अक्सर उनके जीवन मूल्यों का जिक्र करते रहे हैं।
इंस्टाग्राम पर भावुक श्रद्धांजलि
मंगलवार रात सिद्धार्थ मल्होत्रा ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा की। उन्होंने पिता के साथ बिताए पलों की कई पुरानी तस्वीरें पोस्ट कीं और लंबा संदेश लिखा। सिद्धार्थ ने लिखा, “वह बहुत ही ईमानदारी, सच्चाई से भरे और संस्कार वाले इंसान थे। उन्होंने अपने मूल्यों पर जीवन जिया, वह कभी नहीं झुके। बिना कठोरता के अनुशासन सिखाया। बिना अहंकार के ताकत का मतलब बताया। हमेशा पॉजिटिव रहे, तब भी जब जिंदगी ने उनका बहुत ज्यादा टेस्ट लिया।” पोस्ट में अभिनेता ने अपने पिता की शख्सियत और उनके जीवन दर्शन को याद करते हुए उन्हें प्रेरणा का स्रोत बताया।
“आपकी ईमानदारी मेरी विरासत है”
अपने संदेश में सिद्धार्थ ने आगे लिखा कि उनके पिता ने जीवन के हर चरण में गरिमा और साहस बनाए रखा। “मर्चेंट नेवी कैप्टन के तौर पर समुद्र की कमान संभालने से लेकर बीमारी का चुपचाप हिम्मत से सामना करने तक, उन्होंने कभी समझौता नहीं किया। कभी अपनी शालीनता नहीं खोई। तब भी जब स्ट्रोक ने उन्हें व्हीलचेयर पर ला दिया, उनका हौसला बुलंद रहा।” अभिनेता ने लिखा कि पिता की ईमानदारी और सकारात्मकता ही उनकी सबसे बड़ी विरासत है। “पापा, आपकी ईमानदारी मेरी विरासत है। आपकी ताकत मुझे हर दिन रास्ता दिखाती है। आपकी पॉजिटिविटी आज भी इस परिवार को एक साथ रखती है। आप हमें नींद में शांति से छोड़कर चले गए, लेकिन आप जो जगह पीछे छोड़ गए हैं, वह बहुत बड़ी है। मैं जो कुछ भी हूं, आपकी वजह से हूं। और मैं आपका नाम, आपके मूल्य और आपकी रोशनी हमेशा आगे बढ़ाऊंगा। लव यू डैड।”
मर्चेंट नेवी में कप्तान रहे थे सुनील मल्होत्रा
सुनील मल्होत्रा मर्चेंट नेवी में कप्तान रह चुके थे। समुद्री जीवन की कठिनाइयों और अनुशासन ने उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाया। परिवार के करीबी बताते हैं कि वे सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता न करने वाले व्यक्ति थे। उन्होंने अपने बच्चों को ईमानदारी, सादगी और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने की सीख दी। सिद्धार्थ कई इंटरव्यू में यह स्वीकार कर चुके हैं कि उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली पर पिता की छाप स्पष्ट दिखाई देती है।
बीमारी से जूझते रहे, साहस नहीं छोड़ा
परिवार के अनुसार, सुनील मल्होत्रा को कुछ वर्ष पहले स्ट्रोक आया था, जिसके बाद वे व्हीलचेयर पर आ गए थे। इसके बावजूद उन्होंने मानसिक दृढ़ता और सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखा। सिद्धार्थ ने कुछ महीने पहले लीली सिंह के पॉडकास्ट में भी अपने पिता की बीमारी का जिक्र किया था और बताया था कि किस तरह परिवार ने मिलकर उनका साथ दिया। अभिनेता ने उस बातचीत में कहा था कि बीमारी के बावजूद उनके पिता का मनोबल हमेशा ऊंचा रहा।
कियारा आडवाणी भी पहुंचीं दिल्ली
सिद्धार्थ मल्होत्रा की पत्नी और अभिनेत्री कियारा आडवाणी भी खबर मिलते ही दिल्ली पहुंच गई थीं। उन्होंने इस कठिन समय में परिवार के साथ रहकर समर्थन दिया। सूत्रों के मुताबिक, अंतिम संस्कार की रस्मों के दौरान कियारा परिवार के साथ मौजूद रहीं। सोशल मीडिया पर कई प्रशंसकों ने दोनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और इस दुख की घड़ी में हिम्मत बनाए रखने की कामना की।
फिल्म इंडस्ट्री और प्रशंसकों का समर्थन
सुनील मल्होत्रा के निधन की खबर सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकारों और हस्तियों ने सिद्धार्थ के प्रति संवेदना जताई। सोशल मीडिया पर #StayStrongSidharth जैसे संदेश देखने को मिले। प्रशंसकों ने अभिनेता की पोस्ट पर हजारों टिप्पणियां कर उन्हें सांत्वना दीं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
एक पिता की विरासत
सिद्धार्थ मल्होत्रा की भावुक पोस्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि उनके जीवन में पिता का स्थान कितना महत्वपूर्ण था। अनुशासन, ईमानदारी और सकारात्मकता जैसे मूल्यों को उन्होंने अपने पिता से सीखा।यह व्यक्तिगत क्षति उनके लिए गहरा आघात है, लेकिन उनके शब्दों से यह भी झलकता है कि वे पिता की सीख और आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सुनील मल्होत्रा का जीवन एक अनुशासित नौसैनिक अधिकारी और सिद्धांतवादी पिता के रूप में याद किया जाएगा। परिवार, मित्र और प्रशंसक उनकी स्मृतियों को संजोए हुए हैं।