‘ओम शांति ओम’ से मिला पहला घर: श्रेयस तलपड़े ने साझा किया बैंक लोन और शाहरुख खान से जुड़ा दिलचस्प किस्सा

फराह खान द्वारा निर्देशित इस सुपरहिट फिल्म में श्रेयस ने पहली बार शाहरुख खान के साथ काम किया था। यह अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा और इसी फिल्म की सफलता ने उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव की नींव रखी।;

Update: 2026-06-30 09:24 GMT

मुंबई: अभिनेता श्रेयस तलपड़े, जिन्हें ‘इकबाल’ और ‘डोर’ जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है, ने अपने करियर और निजी जीवन से जुड़ा एक ऐसा अनुभव साझा किया है, जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी। श्रेयस के मुताबिक उनका पहला घर खरीदने का सपना सीधे तौर पर 2007 में रिलीज हुई फिल्म ‘ओम शांति ओम’ से जुड़ा है। इस फिल्म ने न केवल उनके करियर को नई पहचान दी, बल्कि आर्थिक रूप से भी एक बड़ा सहारा साबित हुई। फराह खान द्वारा निर्देशित इस सुपरहिट फिल्म में श्रेयस ने पहली बार शाहरुख खान के साथ काम किया था। यह अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा और इसी फिल्म की सफलता ने उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव की नींव रखी।

फराह खान के यूट्यूब शो में खुलासा

हाल ही में निर्देशक फराह खान अपने यूट्यूब शो के लिए श्रेयस तलपड़े के घर पहुंचीं, जहां इस बातचीत के दौरान अभिनेता ने अपने पहले घर से जुड़ा यह दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि उस समय उनके जीवन में आर्थिक रूप से स्थिरता इतनी नहीं थी कि वे आसानी से घर खरीद सकें, लेकिन फिल्म ने उन्हें एक नई उम्मीद दी। श्रेयस ने बातचीत में बताया कि वे अपने पहले घर के लिए बैंक से लोन लेने गए थे, लेकिन शुरुआती प्रक्रिया में उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा।

बैंक में लोन को लेकर आया अप्रत्याशित मोड़

श्रेयस तलपड़े के अनुसार, बैंक में जब उन्होंने लोन के लिए आवेदन किया तो उनकी योग्यता उस समय पर्याप्त नहीं मानी गई। इसी दौरान बैंक में मौजूद एक कर्मचारी महिला ने उनसे पूछा कि वे आगे कौन सी फिल्में कर रहे हैं। इस पर श्रेयस ने जवाब दिया कि वह ‘ओम शांति ओम’ में काम कर रहे हैं। जब महिला ने पूछा कि फिल्म में कौन-कौन कलाकार हैं और इसका निर्देशन कौन कर रहा है, तो श्रेयस ने बताया कि फिल्म में शाहरुख खान हैं और इसे फराह खान निर्देशित कर रही हैं।

शाहरुख खान का नाम बना निर्णायक फैक्टर

श्रेयस के अनुसार, जब बैंक अधिकारी ने शाहरुख खान का नाम सुना, तो उन्होंने एक विशेष मांग रखी। उन्होंने कहा कि क्या वे शाहरुख खान से इस बात की पुष्टि का एक पत्र (लेटर) ला सकते हैं कि वे सच में इस फिल्म का हिस्सा हैं। यह सुनकर श्रेयस ने तुरंत फराह खान से संपर्क किया। फराह ने भी इस मामले में तेजी दिखाते हुए सिर्फ दो दिनों के भीतर शाहरुख खान का वह पत्र उपलब्ध करा दिया।

एक लेटर ने बदल दिया फैसला

श्रेयस तलपड़े ने बताया कि जैसे ही उन्होंने वह पत्र बैंक में प्रस्तुत किया, उसी शाम उनका लोन मंजूर हो गया। यह उनके जीवन का एक ऐसा पल था जिसने उन्हें न सिर्फ अपना पहला घर दिलाया, बल्कि यह भी दिखाया कि फिल्म इंडस्ट्री में जुड़ाव और भरोसा किस तरह वास्तविक जीवन में भी असर डाल सकता है।

करियर और संघर्ष का अहम पड़ाव

श्रेयस ने कहा कि उस समय यह उनके लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि एक बड़ा अवसर था जिसने उन्हें आर्थिक स्थिरता की ओर कदम बढ़ाने में मदद की। ‘ओम शांति ओम’ न केवल एक ब्लॉकबस्टर फिल्म थी, बल्कि उनके लिए जीवन बदलने वाला अनुभव भी साबित हुई।

फराह खान और टीम के साथ यादगार अनुभव

इस पूरे घटनाक्रम में फराह खान की भूमिका भी अहम रही। उन्होंने न केवल श्रेयस को फिल्म में मौका दिया, बल्कि जरूरत पड़ने पर व्यक्तिगत रूप से मदद भी की। श्रेयस ने इसे अपने जीवन के उन अनुभवों में शामिल किया, जिन्हें वे हमेशा याद रखते हैं।

बॉलीवुड और वास्तविक जीवन का जुड़ाव

यह किस्सा यह भी दिखाता है कि बॉलीवुड में काम केवल स्क्रीन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कई बार यह कलाकारों के निजी जीवन को भी प्रभावित करता है। श्रेयस तलपड़े का यह अनुभव इस बात का उदाहरण है कि कैसे एक फिल्म किसी कलाकार की जिंदगी में स्थायी बदलाव ला सकती है।

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