रानी मुखर्जी की मां और प्लेबैक सिंगर कृष्णा मुखर्जी का निधन, 75 साल की उम्र में ली आखिरी सांस

यशराज फिल्म्स ने कृष्णा मुखर्जी के निधन की पुष्टि करते हुए परिवार की ओर से बयान जारी किया। बयान में कहा गया कि रानी मुखर्जी की मां का मंगलवार दोपहर निधन हो गया और परिवार इस कठिन समय में लोगों के प्यार, प्रार्थनाओं और समर्थन के लिए आभारी है।;

Update: 2026-09-22 10:39 GMT

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी की मां और प्लेबैक सिंगर कृष्णा मुखर्जी का मंगलवार दोपहर निधन हो गया। वह 75 वर्ष की थीं। उनके निधन की जानकारी यशराज फिल्म्स (YRF) की ओर से आधिकारिक बयान जारी कर दी गई। कृष्णा मुखर्जी के निधन की खबर सामने आने के बाद मुखर्जी परिवार में शोक का माहौल है। परिवार ने इस मुश्किल घड़ी में प्रशंसकों और मीडिया से निजता बनाए रखने की अपील की है।

YRF ने जारी किया आधिकारिक बयान

यशराज फिल्म्स ने कृष्णा मुखर्जी के निधन की पुष्टि करते हुए परिवार की ओर से बयान जारी किया। बयान में कहा गया कि रानी मुखर्जी की मां का मंगलवार दोपहर निधन हो गया और परिवार इस कठिन समय में लोगों के प्यार, प्रार्थनाओं और समर्थन के लिए आभारी है। परिवार ने लोगों से अपील की है कि वे इस दुख की घड़ी में उनकी निजता का सम्मान करें। कृष्णा मुखर्जी के निधन की खबर के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों और रानी के प्रशंसकों के बीच भी शोक की लहर है।

फिल्म परिवार से रहा गहरा नाता

कृष्णा मुखर्जी का भारतीय सिनेमा से पुराना रिश्ता रहा। उनकी शादी फिल्म निर्माता-निर्देशक राम मुखर्जी से हुई थी। राम मुखर्जी हिंदी फिल्म जगत के प्रतिष्ठित फिल्मालय स्टूडियोज के सह-संस्थापकों में शामिल थे। उनका निधन 2017 में हुआ था। फिल्मी माहौल में पली-बढ़ी रानी मुखर्जी को अभिनय की दुनिया में आगे बढ़ने के दौरान अपनी मां का लगातार समर्थन मिला। कृष्णा खुद संगीत से जुड़ी हुई थीं और बंगाली सिनेमा में प्लेबैक सिंगर के तौर पर काम कर चुकी थीं।

बेटी रानी के साथ खास रिश्ता

रानी मुखर्जी और उनकी मां कृष्णा के बीच बेहद करीबी रिश्ता था। रानी अपने करियर के अलग-अलग पड़ावों पर अपनी मां से मिली प्रेरणा और समर्थन का जिक्र करती रही हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों, फिल्म स्क्रीनिंग और अवॉर्ड समारोहों में भी कृष्णा कई बार अपनी बेटी के साथ नजर आती थीं। पति राम मुखर्जी के निधन के बाद भी कृष्णा परिवार के साथ मजबूती से जुड़ी रहीं। रानी के लिए वह सिर्फ मां ही नहीं, बल्कि निजी और पेशेवर जीवन में प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत थीं।

रानी ने मां को बताया था अपनी प्रेरणा

साल 2023 में अपनी एक फिल्म के प्रमोशन के दौरान रानी मुखर्जी ने अपनी मां से मिली प्रेरणा के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था कि एक किरदार को पर्दे पर निभाते समय उनकी मां के व्यक्तित्व और जीवन से उन्हें कई संदर्भ मिले। रानी ने विशेष रूप से बंगाली संस्कृति से जुड़े तौर-तरीकों और पारिवारिक परंपराओं का जिक्र करते हुए कहा था कि उस भूमिका के लिए उन्हें ताकत और प्रेरणा अपनी मां से मिली। उनके इस बयान से दोनों के बीच गहरे भावनात्मक जुड़ाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।

संगीत की दुनिया में भी बनाई पहचान

कृष्णा मुखर्जी की अपनी अलग पेशेवर पहचान भी थी। उन्होंने बंगाली फिल्मों में प्लेबैक सिंगिंग की और संगीत जगत से लंबे समय तक जुड़ी रहीं। 1980 के दशक में उन्होंने कई गीतों को अपनी आवाज दी। उनके चर्चित गीतों में 1982 में आई फिल्म ‘तीसरी आंख’ का ‘ईद के दिन गले मिल ले राजा’ भी शामिल बताया जाता है। इस गीत का संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की मशहूर जोड़ी ने तैयार किया था।

बंगाली संगीत से भी रहा जुड़ाव

फिल्मों में प्लेबैक सिंगिंग के अलावा कृष्णा मुखर्जी बंगाली संगीत और स्टेज कार्यक्रमों से भी जुड़ी रही थीं। संगीत की पृष्ठभूमि के कारण शास्त्रीय और लोक संगीत में उनकी अच्छी पकड़ बताई जाती थी। कृष्णा मुखर्जी के निधन से रानी मुखर्जी ने अपनी मां के रूप में एक बेहद करीबी साथी और प्रेरणास्रोत को खो दिया है। परिवार ने इस कठिन समय में लोगों से संवेदनशीलता बरतने और उनकी निजता का सम्मान करने की अपील की है।

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