‘मेरा स्तर इतना गिरा नहीं…’ CM विजय से जलन की खबरों पर भड़के रजनीकांत, अफवाह उड़ाने वालों को घेरा

रजनीकांत ने कहा कि उनके बयान और मुलाकातों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और अगर वह इन दावों पर प्रतिक्रिया नहीं देते, तो लोग उन्हें सच मानने लगते।;

Update: 2026-05-17 08:40 GMT

चेन्‍नई। साउथ सुपरस्टार रजनीकांत ने तमिलनाडु की राजनीति को लेकर चल रही अटकलों पर आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ दी है। रविवार को चेन्नई स्थित अपने घर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने चुनाव परिणामों के बाद फैल रही तमाम अफवाहों पर खुलकर जवाब दिया। रजनीकांत ने कहा कि उनके बयान और मुलाकातों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और अगर वह इन दावों पर प्रतिक्रिया नहीं देते, तो लोग उन्हें सच मानने लगते। दरअसल, हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कड़गम’ (TVK) ने शानदार जीत दर्ज की थी। इसके बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई थी कि रजनीकांत इस नतीजे से खुश नहीं हैं। कुछ लोगों ने तो यहां तक दावा कर दिया कि वह विजय को मुख्यमंत्री बनते नहीं देखना चाहते थे।

स्टालिन से मुलाकात पर दी सफाई

रजनीकांत ने चुनाव परिणामों के बाद डीएमके प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से हुई मुलाकात पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी और स्टालिन की दोस्ती राजनीति से कहीं ऊपर है और उसी रिश्ते के कारण वह उनसे मिलने गए थे। उन्होंने बताया कि कुलाथुर सीट से स्टालिन की हार ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से दुखी किया था। रजनीकांत ने कहा, “मैं सिर्फ एक दोस्त के तौर पर उनसे मिलने गया था। लेकिन इसे राजनीतिक रंग दे दिया गया।” उन्होंने यह भी कहा कि वह प्रेस कॉन्फ्रेंस इसलिए कर रहे हैं क्योंकि लगातार उनके नाम पर गलत बातें फैलाई जा रही थीं।

“मैंने विजय को बधाई दी थी”

सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा था कि रजनीकांत ने विजय की जीत पर उन्हें बधाई नहीं दी। इस पर अभिनेता ने साफ कहा कि उन्होंने चुनाव परिणाम आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विजय और उनकी पार्टी को शुभकामनाएं दी थीं। रजनीकांत ने कहा, “कुछ लोग कह रहे हैं कि मैंने विजय को एयरपोर्ट पर बधाई नहीं दी या मैं उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनते देखना चाहता था। यह पूरी तरह गलत है। मैंने उन्हें सोशल मीडिया पर बधाई दी थी।” उन्होंने कहा कि विजय की जीत उन्हें हैरान जरूर कर गई, लेकिन साथ ही उन्हें खुशी भी हुई।

“मेरा स्तर इतना गिरा नहीं है”

रजनीकांत ने बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जो किसी की सफलता से जलन रखें। उन्होंने कहा, “मेरा स्तर इतना गिरा नहीं है कि मैं किसी के खिलाफ बेवजह बयान दूं। विजय के मुख्यमंत्री बनने की खबर सुनकर मुझे आश्चर्य जरूर हुआ, लेकिन खुशी भी हुई।”  उन्होंने आगे कहा कि वह अब सक्रिय राजनीति में नहीं हैं, इसलिए विजय से प्रतिस्पर्धा या ईर्ष्या का कोई सवाल ही नहीं उठता। अभिनेता ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर कमल हासन मुख्यमंत्री बनते, तो शायद उन्हें जलन होती, क्योंकि दोनों एक ही पीढ़ी के हैं।

“विजय ने खुद अपनी पहचान बनाई”

रजनीकांत ने विजय की राजनीतिक सफलता की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि विजय ने तमिलनाडु की दो बड़ी पार्टियों और केंद्र की सत्ताधारी बीजेपी के खिलाफ खड़े होकर अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा, “52 साल की उम्र में विजय ने वह उपलब्धि हासिल कर ली, जो कभी एमजीआर और एनटीआर जैसे दिग्गज नेताओं को भी इतनी जल्दी नहीं मिली थी।” रजनीकांत ने कहा कि लोगों को विजय से काफी उम्मीदें हैं और उन्हें विश्वास है कि वह उन उम्मीदों पर खरे उतरने की कोशिश करेंगे।

“लोगों को विजय को समय देना चाहिए”

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रजनीकांत ने यह भी कहा कि लोगों को अभी विजय को काम करने का समय देना चाहिए और उन्हें लगातार विवादों में नहीं घसीटना चाहिए। उन्होंने कहा, “विजय को दो साल तक शांति से काम करने देना चाहिए। उन्हें बार-बार परेशान नहीं किया जाना चाहिए।” रजनीकांत ने यह भी कहा कि वह सिर्फ औपचारिकता निभाने के लिए किसी से मिलने में विश्वास नहीं रखते।

शपथ ग्रहण समारोह में न जाने पर जवाब

विजय के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल न होने को लेकर भी रजनीकांत को आलोचना का सामना करना पड़ा था। इस सवाल पर उन्होंने कहा कि वह आमतौर पर किसी भी मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होते। उन्होंने पत्रकारों से पूछा, “क्या आपने मुझे पहले किसी मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में देखा है?” उनका कहना था कि इसे गलत तरीके से पेश किया गया।

‘जननायकन’ लीक होने पर जताई थी नाराजगी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रजनीकांत ने विजय की फिल्म ‘जननायकन’ के ऑनलाइन लीक होने के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने याद दिलाया कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस घटना की निंदा की थी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। रजनीकांत ने कहा था कि फिल्म उद्योग को इस तरह की घटनाओं के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे मामले दोबारा न हों।

राजनीति से दूरी, लेकिन नजर बनी हुई

रजनीकांत ने साफ कर दिया कि वह फिलहाल सक्रिय राजनीति से दूर हैं। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि तमिलनाडु की राजनीति और वहां के नेतृत्व को लेकर उनकी दिलचस्पी बनी हुई है। विजय की सफलता पर उन्होंने खुले दिल से शुभकामनाएं दीं और कहा कि राज्य के लोगों की उम्मीदें अब नए नेतृत्व से जुड़ी हुई हैं।

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