ट्रोलिंग पर राहुल रॉय का करारा जवाब: “मैं मेहनत से काम कर रहा हूं, आप मुझे तोड़ नहीं सकते”

लगातार हो रही आलोचना के बाद राहुल रॉय ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह जो भी काम कर रहे हैं, पूरी ईमानदारी से कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके ऊपर कुछ कानूनी मामलों का खर्च है, जिनका भुगतान उन्हें करना है और ये मामले आज के नहीं बल्कि पुराने हैं, जो उनके ब्रेन स्ट्रोक से पहले के हैं।;

Update: 2026-05-01 09:50 GMT

नई दिल्ली: सोशल मीडिया के दौर में कलाकारों को जहां एक ओर फैंस का भरपूर प्यार मिलता है, वहीं दूसरी ओर ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ता है। हाल ही में ‘आशिकी’ (1990) फिल्म से मशहूर हुए अभिनेता राहुल रॉय इसी तरह की स्थिति से गुजरे। उनके एक वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें निशाना बनाया गया, जिसके बाद उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी और ट्रोलर्स को सीधा जवाब दिया।

रील वीडियो से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, राहुल रॉय हाल ही में कंटेंट क्रिएटर डॉ. वनिता घाडगे देसाई के साथ एक इंस्टाग्राम रील में नजर आए थे। इस वीडियो में वह अपनी ही फिल्म ‘फिर तेरी कहानी याद आई’ के लोकप्रिय गाने “तेरे दर पे सनम...” पर अभिनय करते दिखे। वीडियो का उद्देश्य मनोरंजन था, लेकिन कुछ सोशल मीडिया यूजर्स को यह पसंद नहीं आया और उन्होंने राहुल को ट्रोल करना शुरू कर दिया। कई लोगों ने सवाल उठाया कि एक वरिष्ठ अभिनेता को इस तरह के वीडियो करने की क्या जरूरत है।

राहुल रॉय ने तोड़ी चुप्पी

लगातार हो रही आलोचना के बाद राहुल रॉय ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह जो भी काम कर रहे हैं, पूरी ईमानदारी से कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके ऊपर कुछ कानूनी मामलों का खर्च है, जिनका भुगतान उन्हें करना है और ये मामले आज के नहीं बल्कि पुराने हैं, जो उनके ब्रेन स्ट्रोक से पहले के हैं।

“मेरी मजबूरी का मजाक न बनाएं”

अपने पोस्ट में राहुल ने ट्रोलर्स को जवाब देते हुए लिखा कि अगर कोई उनकी मुश्किलों का मजाक उड़ाता है, तो यह उनके व्यक्तित्व को दर्शाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर सच में उन्हें उनकी चिंता है, तो उन्हें काम दिलाने में मदद करें, ताकि वह अपने खर्चों को पूरा कर सकें। राहुल ने यह भी कहा कि वह मेहनत करके कमाना पसंद करते हैं, न कि दूसरों का मजाक बनाकर।

पेंशन और मेडिकल इंश्योरेंस की मांग

उधर,ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) एक्टर राहुल रॉय के वायरल वीडियो की ट्रोलिंग के बीच उनके सपोर्ट में आया है। साथ ही एसोसिएशन ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 60 साल से ज्यादा उम्र के कलाकारों के लिए पेंशन और मेडिकल इंश्योरेंस की मांग की बात कही है।

ब्रेन स्ट्रोक के बाद बदली जिंदगी

राहुल रॉय ने अपने पोस्ट में यह भी बताया कि ब्रेन स्ट्रोक के बाद उनके लिए सक्रिय रहना बेहद जरूरी है। उल्लेखनीय है कि साल 2020 में कारगिल में फिल्म ‘एलएसी: लाइव द बैटल’ की शूटिंग के दौरान उन्हें ब्रेन स्ट्रोक हुआ था। इस घटना ने उनके जीवन को काफी प्रभावित किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार खुद को सक्रिय रखने की कोशिश करते रहे।

“जब तक जिंदा हूं, काम करूंगा”

राहुल ने अपने संदेश में साफ कहा कि वह जीवन के अंतिम क्षण तक काम करते रहना चाहते हैं। उन्होंने दृढ़ता के साथ लिखा कि कोई भी उन्हें मानसिक रूप से कमजोर नहीं कर सकता। उनका यह संदेश न केवल ट्रोलर्स के लिए जवाब था, बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा भी है, जो मुश्किल हालात में हार मान लेते हैं।

फिल्म इंडस्ट्री से मिला समर्थन

राहुल रॉय के इस पोस्ट पर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने उनका समर्थन किया। अभिनेता फरहान अख्तर, तृप्ति डिमरी, शिल्पा शिरोडकर और सोनू सूद समेत कई सेलेब्रिटीज ने उनके हौसले की सराहना की। तृप्ति डिमरी ने कमेंट करते हुए लिखा कि “आप स्टार हैं और हमेशा रहेंगे।” वहीं शिल्पा शिरोडकर ने लिखा कि “हमें वही करना चाहिए जो हम करना चाहते हैं, लोगों को बोलने दीजिए।”

ट्रोलिंग पर उठे सवाल

इस पूरे मामले ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर लोग बिना पूरी सच्चाई जाने किसी को भी निशाना बना लेते हैं, जिससे सामने वाले व्यक्ति को मानसिक और भावनात्मक नुकसान हो सकता है। राहुल रॉय का मामला यह दिखाता है कि हर व्यक्ति के पीछे एक संघर्ष की कहानी होती है, जिसे समझना जरूरी है।

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