पेशावर में राज कपूर की ऐतिहासिक हवेली का हिस्सा ढहा, बारिश और भूकंप से बढ़ा खतरा

शुक्रवार रात आए भूकंप से पहले ही पेशावर और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश ने पुराने भवनों को कमजोर कर दिया था। राज कपूर की हवेली भी इन परिस्थितियों से अछूती नहीं रही।

Update: 2026-04-05 07:12 GMT

पेशावर : पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में स्थित बॉलीवुड अभिनेता राज कपूर की पैतृक हवेली का एक हिस्सा भारी बारिश और भूकंप के झटकों के बाद ढह गया। यह घटना पेशावर के ऐतिहासिक किस्सा ख्वानी बाजार क्षेत्र में हुई, जहां स्थित यह हवेली लंबे समय से जर्जर हालत में थी। हालांकि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन इमारत की शेष संरचना को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं।

प्राकृतिक आपदाओं का दोहरा असर

शुक्रवार रात आए भूकंप से पहले ही पेशावर और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश ने पुराने भवनों को कमजोर कर दिया था। राज कपूर की हवेली भी इन परिस्थितियों से अछूती नहीं रही। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, पहले से ही जर्जर हो चुकी हवेली भूकंप के झटकों को सहन नहीं कर सकी और इसकी एक दीवार का हिस्सा अचानक ढह गया। यह घटना इस ऐतिहासिक इमारत की नाजुक स्थिति को उजागर करती है।

विरासत परिषद ने जताई चिंता

खैबर पख्तूनख्वा की विरासत परिषद के सचिव शकील वहीदुल्लाह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि भूकंप के बाद हवेली का एक हिस्सा गिर गया, जिससे पूरी संरचना की स्थिरता पर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते संरक्षण और मरम्मत के उपाय नहीं किए गए, तो यह ऐतिहासिक धरोहर पूरी तरह नष्ट हो सकती है। वहीदुल्लाह ने पुरातत्व विभाग और प्रांतीय सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने और हवेली के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है।

राष्ट्रीय धरोहर का दर्जा, लेकिन उपेक्षा जारी

राज कपूर की यह हवेली पाकिस्तान सरकार द्वारा 2016 में राष्ट्रीय धरोहर घोषित की गई थी। इसके बावजूद वर्षों से इसके संरक्षण और रखरखाव को लेकर गंभीर लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय पर मरम्मत और संरचनात्मक मजबूती का काम किया गया होता, तो इस तरह की क्षति को रोका जा सकता था।

किस्सा ख्वानी बाजार में स्थित है ऐतिहासिक इमारत

यह हवेली पेशावर के प्रसिद्ध किस्सा ख्वानी बाजार के मध्य स्थित है, जो अपने समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है। इस क्षेत्र में कई ऐतिहासिक इमारतें और स्मारक मौजूद हैं, जो भारत-पाकिस्तान के साझा सांस्कृतिक अतीत की झलक प्रस्तुत करते हैं। कपूर हवेली भी इसी विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है, जो विभाजन से पहले के दौर की याद दिलाती है।

कपूर परिवार का ऐतिहासिक संबंध

यह हवेली भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता और फिल्म निर्माता राज कपूर के परिवार से जुड़ी हुई है। इसे उनके पिता, प्रसिद्ध रंगमंच कलाकार पृथ्वीराज कपूर के निवास के रूप में जाना जाता है। इस इमारत का निर्माण पृथ्वीराज कपूर के पिता दीवान बशेश्वरनाथ कपूर ने 1918 से 1922 के बीच करवाया था। यही वह स्थान है जहां राज कपूर और उनके चाचा त्रिलोक कपूर का जन्म हुआ था। इस दृष्टि से यह हवेली भारतीय फिल्म इतिहास के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

संरक्षण की मांग तेज

हवेली के एक हिस्से के ढहने के बाद अब संरक्षण की मांग तेज हो गई है। स्थानीय नागरिकों, इतिहासकारों और सांस्कृतिक संगठनों का कहना है कि इस धरोहर को बचाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि इस इमारत को संरक्षित कर इसे एक संग्रहालय या सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे न केवल इसकी ऐतिहासिक पहचान सुरक्षित रहेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

भारत-पाक साझा विरासत का प्रतीक

राज कपूर की हवेली केवल एक इमारत नहीं, बल्कि भारत और पाकिस्तान के साझा सांस्कृतिक इतिहास का प्रतीक है। विभाजन से पहले के दौर में यह क्षेत्र सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र हुआ करता था। इस हवेली का संरक्षण दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को समझने और संजोने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

समय रहते कदम उठाना जरूरी

पेशावर में राज कपूर की हवेली का एक हिस्सा ढहने की घटना एक चेतावनी है कि ऐतिहासिक धरोहरों की अनदेखी कितनी महंगी पड़ सकती है। यदि जल्द ही इसके संरक्षण और पुनर्निर्माण के प्रयास नहीं किए गए, तो यह अमूल्य विरासत हमेशा के लिए खो सकती है। अब यह जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और सरकार की है कि वे इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास को देख और समझ सकें।

Tags:    

Similar News