‘आशिकी’ ठुकराने का आज भी है मलाल, पूजा भट्ट ने सुनाया करियर का सबसे बड़ा फैसला

पूजा भट्ट ने बताया कि मुकेश भट्ट एक दिन उनके पास फिल्म ‘आशिकी’ का साइनिंग अमाउंट लेकर आए थे। हालांकि उस समय उन्होंने अभिनय न करने का फैसला कर लिया था।;

Update: 2026-07-08 06:29 GMT

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री और फिल्म निर्माता पूजा भट्ट ने अपने फिल्मी करियर से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए बताया कि उन्होंने एक समय सुपरहिट फिल्म ‘आशिकी’ (1990) में काम करने का मौका खुद ठुकरा दिया था। उस समय उन्हें लगा था कि अभिनय छोड़ देना ही उनके निजी रिश्ते के लिए सही फैसला होगा, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि यह उनके करियर के सबसे बड़े निर्णयों में से एक था। पूजा ने यह भी बताया कि उनके पिता और प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक महेश भट्ट ने उन्हें फिल्मों में आने का फैसला करने के लिए सिर्फ 24 घंटे का समय दिया था।

महेश भट्ट ने दिया था 24 घंटे का समय

पूजा भट्ट के अनुसार, उनके पिता चाहते थे कि वह अभिनय को लेकर स्पष्ट निर्णय लें। उन्होंने बताया कि एक दिन महेश भट्ट ने उनसे कहा कि यदि वह फिल्मों में काम नहीं करना चाहतीं तो वह उनकी जगह किसी और अभिनेत्री को अपनी फिल्म ‘डैडी’ में ले लेंगे। पूजा ने कहा कि जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई, तो उनके पिता ने मुस्कुराते हुए कहा कि यदि वह खुद भी फिल्म नहीं करना चाहतीं और किसी दूसरे को भी वह भूमिका नहीं देना चाहतीं, तो इसका मतलब है कि उनके भीतर अभिनय के प्रति गहरी रुचि है। यही बातचीत उनके फिल्मी सफर की शुरुआत का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई।

स्पॉट बॉय की बात ने बढ़ाया आत्मविश्वास

पूजा ने बताया कि फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले यूनिट के एक स्पॉट बॉय की बात आज भी उन्हें याद है। वह शूटिंग का सामान तैयार करते हुए कह रहे थे कि अगले दिन पूजा की पहली शूटिंग है और देखना होगा कि वह अभिनय कर पाती हैं या नहीं। पूजा के अनुसार, उस समय उन्हें लगा कि उन्हें सबसे पहले खुद को नहीं, बल्कि उन लोगों को साबित करना है जो उनकी क्षमता पर सवाल उठा रहे थे। यही सोच उनके लिए प्रेरणा बन गई और उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ फिल्म की शूटिंग पूरी की।

'आशिकी' का ऑफर क्यों ठुकराया

पूजा भट्ट ने बताया कि मुकेश भट्ट एक दिन उनके पास फिल्म ‘आशिकी’ का साइनिंग अमाउंट लेकर आए थे। हालांकि उस समय उन्होंने अभिनय न करने का फैसला कर लिया था। उन्होंने कहा कि उस दौर में वह एक रिश्ते में थीं और उन्हें लगा कि फिल्मों से दूरी बनाकर वह एक बेहतर साथी साबित होंगी। इसी सोच के कारण उन्होंने फिल्म करने से मना कर दिया। बाद में जब 'आशिकी' बड़ी सफलता बनी, तो उन्हें एहसास हुआ कि उन्होंने अपने करियर का एक महत्वपूर्ण अवसर छोड़ दिया था।

'डैडी' देखने के बाद बदला फैसला

पूजा ने बताया कि कुछ सप्ताह बाद जब उन्होंने अपनी पहली फिल्म ‘डैडी’ देखी और बड़े पर्दे पर अपना नाम देखा, तो उनके भीतर अभिनय को लेकर नया आत्मविश्वास पैदा हुआ। उन्होंने याद किया कि उनके पिता ने उस समय मजाकिया अंदाज में ताली बजाकर उन्हें चिढ़ाया भी। इसके बाद जब वह 'आशिकी' के सेट पर गईं, तो वहां का माहौल और फिल्म निर्माण की प्रक्रिया उन्हें बेहद पसंद आई। यहीं से उन्होंने दोबारा अभिनय में सक्रिय रहने का फैसला किया।

फिर मिली 'दिल है कि मानता नहीं' 

'आशिकी' छोड़ने के बाद पूजा भट्ट ने अपने करियर की दिशा बदली और आगे चलकर ‘दिल है कि मानता नहीं’ जैसी सफल फिल्म में काम किया। यह फिल्म उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में गिनी जाती है और इससे उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने अभिनय के साथ-साथ निर्देशन और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाई।

अब दो नए प्रोजेक्ट्स पर कर रही हैं काम

पूजा भट्ट ने बताया कि वह इस समय दो फिल्मों पर काम कर रही हैं। इनमें एक फिल्म में वह अभिनेत्री के रूप में नजर आएंगी, जबकि दूसरी फिल्म में वह निर्माता की भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने पुष्टि की कि वह ‘जिस्म 3’ का निर्माण कर रही हैं। हालांकि फिल्म की कहानी, कलाकारों और रिलीज से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी साझा नहीं की गई है।

करियर के फैसलों से मिली सीख

पूजा भट्ट का कहना है कि जीवन में कुछ फैसलों का महत्व समय बीतने के बाद समझ में आता है। उनके अनुसार, हर अवसर स्वीकार करना जरूरी नहीं होता, लेकिन हर निर्णय से कुछ न कुछ सीख जरूर मिलती है।

उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि निजी जीवन और पेशेवर करियर के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता, लेकिन समय के साथ व्यक्ति अपने फैसलों को बेहतर तरीके से समझ पाता है। यही अनुभव उनके फिल्मी सफर का सबसे बड़ा सबक भी रहा।

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