बलिया: Pawan Singh Divorce Case: भोजपुरी सिनेमा के चर्चित अभिनेता और गायक पवन सिंह एक बार फिर पत्नी ज्योति सिंह के साथ चल रहे तलाक और भरण-पोषण विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं। उत्तर प्रदेश के बलिया स्थित फैमिली कोर्ट ने लगातार तीसरी बार सुनवाई में अनुपस्थित रहने पर पवन सिंह पर 3,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने उनकी गैरमौजूदगी पर नाराजगी जताते हुए अगली सुनवाई के लिए 12 नवंबर की तारीख तय की है। पवन सिंह के वकील ने उनकी अनुपस्थिति की वजह मां की खराब तबीयत बताई और समर्थन में मेडिकल सर्टिफिकेट भी पेश किया। इसके साथ ही मामले को मध्यस्थता के जरिए सुलझाने के लिए आवेदन दिया गया। हालांकि, अदालत ने अनुपस्थिति पर जुर्माना लगाने का फैसला किया।
अदालत में पेश नहीं हुए पवन सिंह
इस मामले की सुनवाई फैमिली कोर्ट में अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश कमलापति प्रजापति के समक्ष होनी थी। पवन सिंह की ओर से अधिवक्ता हरिवंश सिंह ने अदालत को बताया कि उनकी मां प्रतिमा देवी की तबीयत खराब होने के कारण वह व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके। बचाव पक्ष की ओर से मेडिकल प्रमाणपत्र भी दाखिल किया गया। वकील ने विवाद को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने के लिए आवेदन देने की जानकारी भी दी। इसके बावजूद अदालत ने लगातार तीसरी बार गैरहाजिर रहने पर पवन सिंह पर 3,000 रुपये का जुर्माना लगाया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी। इस तारीख पर पवन सिंह अदालत में उपस्थित होते हैं या नहीं, इस पर सबकी नजर रहेगी।
ज्योति सिंह बोलीं- धैर्य की भी एक सीमा होती है
सुनवाई के दौरान ज्योति सिंह अपने वकील के साथ अदालत पहुंचीं। उन्होंने अपने पति की लगातार अनुपस्थिति पर नाराजगी जाहिर की और आरोप लगाया कि मामले में न्याय मिलने में देरी हो रही है। पत्रकारों से बातचीत में ज्योति ने कहा कि उन्होंने करीब चार साल पहले कानूनी लड़ाई शुरू की थी और अब उनके धैर्य की भी एक सीमा है। उन्होंने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा, “यह मामला चार साल पहले दायर किया गया था। धैर्य की भी एक सीमा होती है। मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई है।” ज्योति ने यह भी कहा कि यदि उन्हें निचली अदालत से न्याय नहीं मिला, तो वह सुप्रीम कोर्ट तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। उनके बयान से स्पष्ट है कि वह इस मामले को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।
2022 से चल रहा तलाक और भरण-पोषण का विवाद
पवन सिंह और ज्योति सिंह की शादी 6 मार्च 2018 को हुई थी। दोनों के बीच रिश्तों में खटास आने के बाद मामला अदालत तक पहुंच गया। ज्योति ने 22 अप्रैल 2022 को फैमिली कोर्ट में भरण-पोषण के लिए याचिका दायर की थी। इसके बाद से दोनों के बीच कानूनी विवाद लगातार चर्चा में बना हुआ है। ज्योति सिंह ने पवन सिंह पर गलत व्यवहार और बेवफाई जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनका दावा रहा है कि चुनाव के दौरान पवन सिंह ने उनका इस्तेमाल किया और बाद में दूसरी महिला को होटल ले जाने की घटना से उन्हें गहरा दुख पहुंचा। हालांकि, ये ज्योति की ओर से लगाए गए आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
2025 में भी आवास के बाहर हुआ था विवाद
पवन सिंह और ज्योति सिंह का विवाद वर्ष 2025 में भी सुर्खियों में रहा था। उस दौरान ज्योति को लखनऊ में पवन सिंह के आवास के बाहर रोते हुए देखा गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उन्हें घर के अंदर जाने से रोका और उनके साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है। उस समय पुलिस अधिकारियों ने बताया था कि दोनों के बीच कानूनी कार्यवाही जारी है और ज्योति को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इस घटनाक्रम को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए थे।
पहले भी लग चुका है जुर्माना
मौजूदा मामले में पवन सिंह की लगातार अनुपस्थिति के चलते पहले भी जुर्माना लगाया जा चुका है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सितंबर में उन पर 1,000 रुपये और अक्टूबर की शुरुआत में फिर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। पहली बार उनके वकील ने पटना में बाढ़ की स्थिति और दूसरी बार उनकी मां की खराब तबीयत का हवाला दिया था। अब तीसरी बार 3,000 रुपये का जुर्माना लगाए जाने के बाद मामला फिर चर्चा में है। आगामी 12 नवंबर की सुनवाई इस कानूनी विवाद की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।