अभिनेत्री नियति फातनानी का खुलासा, 'खतरों के खिलाड़ी' के प्रोमो के बाद हुई थी ट्रोलिंग
अभिनेत्री नियति फातनानी ने कहा है कि रियलिटी शो के दौर में कई बार मशहूर हस्तियों की बातों को संदर्भ से अलग करके देखा और परखा जाता है।;
मुंबई। अभिनेत्री नियति फातनानी ने कहा है कि रियलिटी शो के दौर में कई बार मशहूर हस्तियों की बातों को संदर्भ से अलग करके देखा और परखा जाता है।
आईएएनएस से विशेष बातचीत में फातनानी ने 'खतरों के खिलाड़ी' के दौरान अपने अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि एक प्रोमो जारी होने के बाद उन्हें काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। हालांकि, पूरा एपिसोड प्रसारित होने के बाद लोगों को वास्तविक स्थिति समझ में आई और उन्होंने उनका समर्थन किया।
फातनानी से पूछा गया, "रियलिटी शो के बाद अक्सर एडिट किए गए क्लिप वायरल हो जाते हैं और विवाद खड़े कर देते हैं। क्या आपको लगता है कि कभी-कभी मशहूर हस्तियों की बातों को संदर्भ से हटकर समझा जाता है?"
इस पर उन्होंने अपने अनुभव का उदाहरण देते हुए कहा, "खतरों के खिलाड़ी के दौरान जब एक प्रोमो रिलीज हुआ था, तब मुझे प्रशंसकों की ओर से काफी आलोचना झेलनी पड़ी। हालांकि, जो लोग मुझे जानते थे, उन्हें पूरा भरोसा था कि मैं कभी कुछ गलत नहीं करूंगी। एपिसोड प्रसारित होने के बाद सभी को सच्चाई पता चल गई और उन्होंने मेरा समर्थन किया। दरअसल, उस व्यक्ति को शो से बाहर कर दिया गया था।"
अभिनेत्री ने कहा, "प्रशंसक अपने पसंदीदा कलाकारों के प्रति बेहद भावुक होते हैं और यह एक सेलिब्रिटी होने का स्वाभाविक हिस्सा है।"
सोशल मीडिया के दौर में प्रतिभा और दृश्यता में कौन अधिक महत्वपूर्ण है, इस सवाल पर फातनानी ने कहा कि दोनों पूरी तरह अलग-अलग चीजें हैं।
उन्होंने कहा, "अगर कोई कलाकार प्रतिभाशाली है और अच्छा प्रदर्शन कर सकता है, तो निर्देशक और निर्माता उसे भूमिका के लिए चुनेंगे। दूसरी ओर, व्यावसायिक नजरिए से यदि किसी परियोजना को दृश्यता से फायदा मिलता है, तो प्रभावशाली सोशल मीडिया हस्तियों को भी कास्ट किया जा सकता है। सोशल मीडिया आज मनोरंजन उद्योग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी सोशल मीडिया पर अपने रिश्ते को छिपाने का दबाव महसूस किया है, तो उन्होंने इससे इनकार किया।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह रिश्ते में शामिल लोगों पर निर्भर करता है। यदि दोनों साथी सहज हैं, तो बाकी किसी बात का कोई खास महत्व नहीं रह जाता।"