CJP प्रदर्शन पर बदला दिलजीत दोसांझ का रुख, छात्रों पर कार्रवाई पर जताई चिंता; बोले- ‘जनता की आवाज़ जरूर सुनी जाए’

दिलजीत दोसांझ ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि प्रदर्शन के दौरान जो घटनाएं सामने आईं, वे बेहद दुखद थीं। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों की आवाज को सम्मानपूर्वक सुना जाना चाहिए।;

Update: 2026-07-21 07:32 GMT

नई दिल्ली: गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। हाल ही में अपनी फिल्म ‘सतलज’ को लेकर चर्चा में रहे दिलजीत ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, वह उचित नहीं था। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि युवाओं की मांगों को गंभीरता से सुना जाए और बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाए।

इंस्टाग्राम स्टोरी में छात्रों के समर्थन की अपील

दिलजीत दोसांझ ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि प्रदर्शन के दौरान जो घटनाएं सामने आईं, वे बेहद दुखद थीं। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों की आवाज को सम्मानपूर्वक सुना जाना चाहिए। उन्होंने लिखा कि छात्रों के साथ बल प्रयोग नहीं होना चाहिए था और संबंधित अधिकारियों को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि “जनता की आवाज़, रब की आवाज़ होती है”, इसलिए नागरिकों की बात सुनना लोकतांत्रिक जिम्मेदारी है।

‘देशद्रोही’ कहे जाने की आशंका का भी किया जिक्र

अपने संदेश में दिलजीत ने यह भी कहा कि वह जानते हैं कि इस मुद्दे पर बोलने के बाद उन्हें फिर आलोचनाओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने लिखा कि पहले भी उन्हें कई बार ‘देशद्रोही’ कहकर निशाना बनाया गया और संभव है कि इस बार भी ऐसा हो। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के पक्ष में बोलने की कीमत आलोचना है, तो वह इसके लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने पहले भी सार्वजनिक मुद्दों पर अपनी राय रखी है और उसके कारण व्यक्तिगत तथा कानूनी चुनौतियों का सामना किया है।

किसान आंदोलन की याद भी की ताजा

दिलजीत दोसांझ ने अपने संदेश में वर्ष 2020 के किसान आंदोलन का भी उल्लेख किया। उस दौरान उन्होंने आंदोलनरत किसानों का खुलकर समर्थन किया था। वे सिंघु बॉर्डर भी पहुंचे थे और किसानों की सहायता के लिए आर्थिक सहयोग देने की घोषणा की थी। किसान आंदोलन के दौरान उनके बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस हुई थी और उन्हें लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। दिलजीत ने कहा कि उस दौर में उन्हें काफी आलोचना और मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।

कुछ दिन पहले खुद को आंदोलन से रखा था अलग

दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिन पहले जब एक प्रशंसक ने इंस्टाग्राम लाइव के दौरान उनसे CJP आंदोलन पर सवाल पूछा था, तब दिलजीत ने कहा था कि वह एक कलाकार हैं और राजनीतिक आंदोलनों से खुद को दूर रखना पसंद करते हैं। उस समय उन्होंने कहा था कि दुनिया में हर समस्या का समाधान तुरंत संभव नहीं होता और वह किसी राजनीतिक भूमिका में नहीं हैं। हालांकि संसद मार्च के दौरान सामने आई घटनाओं के बाद उन्होंने पहली बार इस मुद्दे पर स्पष्ट रूप से अपनी राय व्यक्त की।

संसद मार्च के दौरान हुई थी झड़प 

सोमवार को CJP ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला था। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक शामिल हुए। सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई स्थानों पर झड़प हुई। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बल प्रयोग किया। इस दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की भी खबरें सामने आईं। झड़पों में कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था भी लागू की।

कई फिल्मी हस्तियां पहले भी जता चुकी हैं प्रतिक्रिया

दिलजीत दोसांझ से पहले भी फिल्म जगत की कई हस्तियों ने इस घटनाक्रम पर अपनी राय रखी थी। अभिनेता प्रकाश राज, फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप, अभिनेत्री दीया मिर्जा, स्वरा भास्कर, गायक विशाल ददलानी सहित कई कलाकारों ने छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर चिंता जताई थी और संवाद के जरिए समाधान निकालने की बात कही थी। दिलजीत की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा एक बार फिर सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बन गया है। उनकी टिप्पणी को समर्थक छात्रों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश मान रहे हैं, जबकि आलोचक इसे उनके सार्वजनिक रुख में बदलाव के रूप में देख रहे हैं। फिलहाल, छात्रों के आंदोलन और शिक्षा सुधार से जुड़ी बहस देशभर में जारी है।

Tags:    

Similar News