मुंबई: भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका आशा भोसले की मधुर आवाज एक बार फिर उनके प्रशंसकों तक पहुंचेगी। करीब आठ दशक तक अपनी गायकी से हिंदी सिनेमा और भारतीय संगीत को समृद्ध करने वाली पद्म विभूषण सम्मानित गायिका के दो ऐसे गीत जल्द रिलीज होने जा रहे हैं, जो अब तक श्रोताओं के सामने नहीं आए थे। आशा भोसले की जन्मतिथि के अवसर पर 8 सितंबर को ‘ऐ मेरी जिंदगी’ और ‘तू छुपी है कहां’ रिलीज किए जाएंगे। ये दोनों गाने आगामी फिल्म ‘ओम का हरि’ का हिस्सा हैं। फिल्म के निर्माताओं ने महान गायिका को श्रद्धांजलि देने के लिए उनकी जन्मतिथि पर इन गीतों को जारी करने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि आशा भोसले ने दोनों गानों की रिकॉर्डिंग वर्ष 2023 में की थी।
आशा भोसले के संभवत: आखिरी पार्श्व गीत
फिल्म के निर्माताओं के मुताबिक, ‘ऐ मेरी जिंदगी’ और ‘तू छुपी है कहां’ आशा भोसले के बतौर पार्श्व गायिका रिकॉर्ड किए गए संभवत: आखिरी गीतों में शामिल हैं। यही वजह है कि इन गानों के रिलीज होने का इंतजार संगीत प्रेमियों के बीच खासा उत्साह पैदा कर रहा है। आशा भोसले ने अपने लंबे करियर में हजारों गीतों को अपनी आवाज दी और अलग-अलग पीढ़ियों के श्रोताओं के बीच अपनी खास पहचान बनाई। उनके निधन के बाद भी उनकी आवाज और संगीत की विरासत लगातार लोगों तक पहुंचती रही है।
‘ओम का हरि’ में सुनाई देगी महान गायिका की आवाज
हरीश व्यास के निर्देशन में बनी ‘ओम का हरि’ एक कॉमेडी-ड्रामा फिल्म है, जिसकी कहानी पिता और बेटे के रिश्ते के इर्द-गिर्द बुनी गई है। फिल्म में अंशुमन झा मुख्य भूमिका में हैं। उनके साथ रघुबीर यादव, सोनी राजदान और आयशा कपूर भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म में आशा भोसले की आवाज में रिकॉर्ड किए गए दोनों गीत कहानी के भावनात्मक पक्ष को भी मजबूती देने वाले हैं। निर्माताओं ने इन गानों को सिर्फ फिल्म के संगीत का हिस्सा नहीं, बल्कि आशा भोसले की संगीत यात्रा को सम्मान देने वाली प्रस्तुति के तौर पर पेश करने की तैयारी की है।
अंशुमन झा ने बताया यादगार अनुभव
अभिनेता अंशुमन झा ने आशा भोसले के साथ काम करने के अनुभव को अपने करियर के सबसे खास पलों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि फिल्म में आशा जी की आवाज में इन गानों का होना फिल्म की शुद्धता और भावनात्मक गहराई को दर्शाता है। अंशुमन के मुताबिक, स्टूडियो में आशा भोसले के साथ रहना उनके लिए बेहद खुशी और सुकून देने वाला अनुभव था। उन्होंने कहा कि उनके साथ रिकॉर्डिंग के दौरान बिताए पल उनकी जिंदगी के सबसे गहरे और यादगार अनुभवों में शामिल हैं।
‘काश वह इस पल का जश्न मनाने के लिए साथ होतीं’
आशा भोसले को याद करते हुए अंशुमन झा ने कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि गायिका इन गानों के रिलीज होने के मौके पर उनके साथ मौजूद नहीं होंगी। हालांकि, उनका मानना है कि आशा भोसले अपनी आवाज और संगीत के जरिए हमेशा लोगों के बीच मौजूद रहेंगी। अंशुमन ने कहा कि उनकी आवाज आज भी लोगों को छूती है और आने वाली पीढ़ियां भी उनके संगीत से जुड़ती रहेंगी। ऐसे में 8 सितंबर को रिलीज होने वाले ये दोनों गीत आशा भोसले के प्रशंसकों के लिए सिर्फ नए संगीत का अनुभव नहीं, बल्कि महान गायिका की विरासत को याद करने का एक भावुक अवसर भी होंगे।