अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग को कहा अलविदा, फैंस के लिए लिखा भावुक पोस्ट!

मंगलवार शाम उन्होंने इंस्टाग्राम और एक्स पर साझा किए गए नोट के जरिए यह जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वह संगीत से पूरी तरह दूरी नहीं बना रहे हैं-भविष्य में वह स्वतंत्र कलाकार के रूप में अपना संगीत बनाते रहेंगे, लेकिन फिल्मों के लिए अब नए प्लेबैक असाइनमेंट स्वीकार नहीं करेंगे।

Update: 2026-01-27 20:58 GMT

मुंबई। दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित और समकालीन हिंदी सिनेमा की पहचान बन चुके गायक अरिजीत सिंह ने प्लेबैक गायिकी से संन्यास लेने की घोषणा कर संगीत जगत को चौंका दिया है। मंगलवार शाम उन्होंने इंस्टाग्राम और एक्स पर साझा किए गए नोट के जरिए यह जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वह संगीत से पूरी तरह दूरी नहीं बना रहे हैं—भविष्य में वह स्वतंत्र कलाकार के रूप में अपना संगीत बनाते रहेंगे, लेकिन फिल्मों के लिए अब नए प्लेबैक असाइनमेंट स्वीकार नहीं करेंगे।

इंस्टाग्राम पोस्ट से हुआ ऐलान

अरिजीत सिंह ने अपने इंस्टाग्राम नोट में लिखा, “आप सभी को नव वर्ष की शुभकामनाएं। इतने वर्षों में बतौर श्रोता आपने मुझे जो प्यार दिया, उसके लिए दिल से धन्यवाद। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अब से मैं बतौर प्लेबैक गायक कोई नया असाइनमेंट नहीं लूंगा। यह एक शानदार सफर था।” उन्होंने आगे कहा कि कुछ लंबित प्रतिबद्धताएं अभी पूरी करनी हैं, इसलिए इस साल उनके कुछ गीत रिलीज होते रहेंगे।

संगीत से नहीं, फिल्मों से ली दूरी

अपने प्राइवेट एक्स अकाउंट पर अरिजीत ने स्पष्ट किया कि यह फैसला संगीत से संन्यास नहीं है। उन्होंने लिखा कि वह आगे भी “छोटे कलाकार” की तरह अपने संगीत पर काम करते रहेंगे। यानी उनका झुकाव अब स्वतंत्र और आत्मनिर्भर संगीत की ओर रहेगा, जहां रचनात्मक स्वतंत्रता अधिक होगी और फिल्मों की व्यावसायिक सीमाएं कम।

जीयागंज से बॉलीवुड तक का सफर

25 अप्रैल 1987 को पश्चिम बंगाल के जीयागंज में जन्मे अरिजीत सिंह को संगीत विरासत में मिला। उनकी मां शास्त्रीय गायिका थीं, जबकि मौसी तबला वादक। बचपन से ही शास्त्रीय संगीत की शिक्षा लेने वाले अरिजीत ने कम उम्र में सुरों की दुनिया में गहरी पकड़ बना ली थी।

साल 2005 में उन्होंने रियलिटी शो ‘फेम गुरुकुल’ में हिस्सा लिया। हालांकि वे शो नहीं जीत पाए, लेकिन इसी मंच ने उन्हें इंडस्ट्री की हकीकत समझने और खुद को तराशने का अवसर दिया। इसके बाद उन्होंने म्यूजिक प्रोग्रामर और बैकग्राउंड सिंगर के रूप में काम किया- जो उनके करियर का अहम, लेकिन कम चर्चित अध्याय रहा।

‘मर्डर 2’ से शुरुआत, ‘आशिकी 2’ से इतिहास

अरिजीत सिंह ने साल 2011 में फिल्म ‘मर्डर 2’ के गाने “फिर मोहब्बत” से हिंदी सिनेमा में बतौर प्लेबैक गायक कदम रखा। लेकिन 2013 में आई फिल्म ‘आशिकी 2’ का गीत “तुम ही हो” उनके करियर का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। इस एक गाने ने उन्हें रातोंरात सुपरस्टार बना दिया। उनकी भावनात्मक आवाज ने करोड़ों दिलों को छुआ और वह हर बड़े म्यूजिक डायरेक्टर की पहली पसंद बन गए।

हिट गानों की लंबी फेहरिस्त

‘तुम ही हो’ के बाद अरिजीत ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। “चाहूं मैं या ना”, “रब्ता”, “अगर तुम साथ हो”, “गेरुआ”, “ऐ दिल है मुश्किल”, “कबीरा”, “जनम जनम”, “हवाएं”, “तेरा यार हूं मैं” जैसे दर्जनों सुपरहिट गानों ने उन्हें नई पीढ़ी की आवाज बना दिया। उनकी खासियत रही - हर भावना को सादगी और गहराई से पेश करना, चाहे वह प्रेम हो, विरह हो या टूटन।

बहुभाषी पहचान

अरिजीत सिंह ने केवल हिंदी तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने बांग्ला, तमिल, तेलुगु, मलयालम और मराठी जैसी कई भारतीय भाषाओं में गीत रिकॉर्ड किए। इस बहुभाषी यात्रा ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाया और विभिन्न फिल्म उद्योगों में उनकी मांग बनी रही।

सम्मान और उपलब्धियां

अरिजीत को उनके योगदान के लिए कई बड़े सम्मान मिले।

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: 

- बिंते दिल (फिल्म: पद्मावत)

-केसरिया (फिल्म: ब्रह्मास्त्र: पार्ट वन – शिवा)

पद्मश्री सम्मान (2025): देश के चतुर्थ सर्वोच्च नागरिक सम्मान से उन्हें नवाजा गया। ये पुरस्कार न सिर्फ उनकी गायकी की गुणवत्ता, बल्कि उनकी निरंतरता और प्रभाव को भी रेखांकित करते हैं।

निजी जीवन: उतार-चढ़ाव और स्थिरता

अरिजीत सिंह की निजी जिंदगी भी सुर्खियों में रही। उनकी पहली शादी ‘फेम गुरुकुल’ की कंटेस्टेंट रूपरेखा बनर्जी से हुई थी। शो के दौरान हुई यह मुलाकात शादी तक पहुंची, लेकिन एक साल के भीतर ही तलाक हो गया। इसके बाद उनकी जिंदगी में बचपन की दोस्त कोयल रॉय आईं। कोयल पहले से तलाकशुदा थीं और उनकी एक बेटी भी थी। दोनों ने एक-दूसरे का साथ दिया और 20 जनवरी 2014 को तारापीठ मंदिर में बंगाली रीति-रिवाज से शादी की। अरिजीत ने लंबे समय तक इस शादी को निजी रखा। दोनों के दो बेटे भी हैं।

सलमान खान विवाद

कुछ साल पहले अरिजीत सिंह और बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के बीच विवाद भी चर्चा में रहा। इस विवाद के चलते अरिजीत ने कई वर्षों तक सलमान की फिल्मों के लिए गाने नहीं गाए। हालांकि बाद में मामला सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझ गया और रिश्ते सामान्य हो गए।

क्यों अहम है यह फैसला?

अरिजीत सिंह का प्लेबैक गायिकी से हटना केवल एक कलाकार का निजी निर्णय नहीं, बल्कि हिंदी फिल्म संगीत के एक युग का विराम माना जा रहा है। पिछले एक दशक में उनकी आवाज फिल्मों की भावनात्मक पहचान बन चुकी थी। उनका यह कदम संकेत देता है कि बड़े कलाकार अब स्वतंत्र संगीत और रचनात्मक आज़ादी को प्राथमिकता दे रहे हैं।


संगीत सफर जारी रहेगा


अरिजीत सिंह ने भले ही फिल्मों से दूरी बना ली हो, लेकिन उनके प्रशंसकों के लिए राहत की बात यह है कि उनका संगीत सफर जारी रहेगा। आने वाले समय में श्रोताओं को उनके इंडी प्रोजेक्ट्स, लाइव परफॉर्मेंस और आत्मनिर्भर संगीत प्रयोग देखने-सुनने को मिल सकते हैं।

लंबे समय तक बनी रहेगी आवाज की गूंज


अरिजीत सिंह का फैसला भावनात्मक भी है और साहसिक भी। प्लेबैक गायिकी में शिखर पर पहुंचने के बाद उससे विदा लेना आसान नहीं होता। लेकिन शायद यही एक सच्चे कलाकार की पहचान है-जो समय पर अपने रास्ते खुद चुनता है। फिल्मों में उनकी आवाज भले ही अब कम सुनाई दे, लेकिन भारतीय संगीत में अरिजीत सिंह की गूंज लंबे समय तक बनी रहेगी।

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