मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन के जुहू स्थित बंगले में कथित अनधिकृत निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के हवाले से आई खबरों में दावा किया गया है कि नगर निकाय ने बिना आवश्यक अनुमति के किए जा रहे निर्माण को अनधिकृत मानते हुए कार्रवाई की। बताया गया कि बंगले में किए गए बदलावों के समर्थन में मालिकाना पक्ष की ओर से जरूरी मंजूरी के दस्तावेज पेश नहीं किए जा सके। हालांकि, अजय देवगन की जनसंपर्क टीम ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा है कि बीएमसी की टीम अभिनेता के बंगले पर नहीं पहुंची थी। टीम के मुताबिक, जिस संपत्ति को लेकर खबरें सामने आई हैं, वह अजय के घर से कुछ दूरी पर स्थित है और किराये पर दी गई है। इस विरोधाभास के बाद मामले में आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी हो गया है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह तय नहीं है कि कार्रवाई सीधे अभिनेता के बंगले पर हुई या पास स्थित किसी दूसरी संपत्ति पर।
बीएमसी ने निर्माण को बताया अनधिकृत
रिपोर्टों के अनुसार, जुहू की कपोल कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में स्थित संपत्ति अजय देवगन और उनकी मां वीणा देवगन से जुड़ी बताई गई है। इस बंगले का क्षेत्रफल करीब 7,802 वर्ग फुट बताया गया है। नगर निकाय के अनुसार, परिसर में कथित तौर पर अंदरूनी बदलाव, विभाजन दीवारों का निर्माण, खिड़कियों में फेरबदल और अन्य संरचनात्मक काम किए जा रहे थे। बीएमसी का कहना है कि इस तरह के निर्माण के लिए संबंधित प्राधिकरण की अनुमति आवश्यक थी। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, मालिकाना पक्ष की ओर से ऐसा कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे निर्माण को अधिकृत साबित किया जा सके।
10 सितंबर को जारी किया गया था नोटिस
बताया गया है कि बीएमसी के के/वेस्ट वार्ड कार्यालय ने 10 सितंबर 2026 को मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा 354A के तहत काम रोकने का नोटिस जारी किया था। नोटिस में विले पार्ले पश्चिम के जेवीपीडी इलाके में एनएस रोड नंबर 11 स्थित कपोल कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी की संपत्ति का उल्लेख किया गया था। नगर निकाय ने कथित अनधिकृत निर्माण तत्काल रोकने और निर्धारित समय के भीतर संबंधित अनुमतियां पेश करने को कहा था। नोटिस में यह चेतावनी भी दी गई थी कि निर्देशों का पालन नहीं होने पर अनधिकृत निर्माण और सामग्री हटाने की कार्रवाई की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर पुलिस से सहयोग लेने का भी प्रावधान बताया गया था।
जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ नगर निकाय
रिपोर्ट के अनुसार, संपत्ति के मालिकाना पक्ष ने 15 सितंबर को अपना जवाब दाखिल किया था। इसके बाद छह अक्टूबर को जारी आदेश में बीएमसी ने कहा कि जवाब के साथ सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इसी आधार पर निर्माण को अनधिकृत मानने की बात कही गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में छह अक्टूबर के आदेश और निर्माण को वास्तव में ढहाए जाने की कार्रवाई के बीच की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इसलिए यह पुष्टि करना आवश्यक है कि नगर निकाय ने किस संपत्ति पर और किस तारीख को तोड़फोड़ की कार्रवाई की।
अजय देवगन की टीम ने किया खबरों का खंडन
अजय देवगन के पीआर प्रतिनिधि पराग देसाई ने इन खबरों को बेबुनियाद बताया है। उनके मुताबिक, बीएमसी की टीम अभिनेता के बंगले पर नहीं आई थी। उन्होंने कहा कि खबरों में जिस संपत्ति का जिक्र हो रहा है, वह अभिनेता के घर से थोड़ी दूरी पर है और किराये पर दी गई है। संभव है कि उस संपत्ति में कुछ अनियमितताएं पाई गई हों, जिसके चलते नगर निकाय ने कार्रवाई की हो। पराग देसाई ने इस मामले में विस्तृत आधिकारिक बयान जारी किए जाने की बात भी कही थी। ऐसे में बीएमसी के आधिकारिक रिकॉर्ड और अभिनेता की टीम के स्पष्टीकरण से ही विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।