मुंबई। आज के समय में इंटरनेट मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स ने कलाकारों की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया है। जहां एक ओर उन्हें दर्शकों से भरपूर प्यार और सराहना मिलती है, वहीं दूसरी ओर आलोचना और नकारात्मक टिप्पणियों का भी लगातार सामना करना पड़ता है। इसी अनुभव को साझा किया है अभिनेत्री अदिति राव हैदरी ने, जो हाल ही में हीरामंडी: द डायमंड बाजार में अपने अभिनय के लिए चर्चा में रहीं।
2011 से शुरू हुआ सफर और पहचान की यात्रा
अदिति राव हैदरी ने बताया कि वह साल 2011 से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और तब से उन्हें दर्शकों का प्यार और पहचान लगातार मिलती रही है। उन्होंने कहा कि कलाकार होने के नाते उन्हें यह पसंद है कि लोग उनके काम को सराहें और उन्हें अपनाएं। अदिति के अनुसार, एक निर्देशक ने उन्हें सलाह दी थी कि हर कलाकार के भीतर एक “बच्चा” होना चाहिए, जो जिज्ञासु बना रहे और नई चीजों को सीखता रहे। उन्होंने कहा कि उनके भीतर का यह “पांच साल का बच्चा” अक्सर इंटरनेट पर अपने बारे में लिखी बातें पढ़ना चाहता है, लेकिन उन्होंने खुद को इससे दूर रखना सीख लिया है।
नकारात्मकता से दूरी बनाने की सीख
अदिति राव हैदरी ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने यह समझ लिया है कि मानसिक शांति बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया की हर बात पर ध्यान देना जरूरी नहीं है। वह कहती हैं कि यदि वह हर टिप्पणी को पढ़ने लगेंगी, तो यह उनके दिमाग और दिल दोनों को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने कहा कि वह केवल रचनात्मक आलोचना को महत्व देती हैं, लेकिन ऐसी टिप्पणियों को नजरअंदाज करती हैं जो उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर सकती हैं। इसी कारण वह आमतौर पर अपने बारे में आने वाली ऑनलाइन टिप्पणियां नहीं पढ़तीं।
परिवार और आत्मनिर्भर सोच का असर
अदिति ने अपनी मां से मिली सीख का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनकी मां हमेशा उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ संस्करण बनने की सलाह देती हैं। उनके अनुसार, यह एकमात्र चीज है जिस पर व्यक्ति का नियंत्रण होता है। अदिति ने यह भी कहा कि उनके भीतर एक तरह की “सुपरपावर” है, जिससे वह आसपास के शोर और नकारात्मकता को अनसुना कर सकती हैं और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगा सकती हैं।
सपोर्ट सिस्टम की अहमियत
अभिनेत्री ने यह भी कहा कि जीवन में मजबूत सपोर्ट सिस्टम बहुत जरूरी होता है। उन्हें ऐसे लोग पसंद नहीं हैं जो सिर्फ हां में हां मिलाएं, बल्कि वे ऐसे लोगों को महत्व देती हैं जो ईमानदार राय दे सकें। उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी ऊर्जा नकारात्मकता में खर्च करना चाहते हैं, वह उनका निर्णय है, लेकिन वह अपने काम और मानसिक शांति पर ध्यान केंद्रित रखना पसंद करती हैं।