उप्र : पोषण माह में डिजिटल मंचों के प्रयोग पर जोर

उत्तर प्रदेश सरकार केंद्र के दिशानिर्देश के बाद पोषण माह को डिजिटल मंचों के माध्यम से आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है

Update: 2020-09-02 02:22 GMT

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार केंद्र के दिशानिर्देश के बाद पोषण माह को डिजिटल मंचों के माध्यम से आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत केंद्र ने पोषण माह के दौरान डिजिटल मंचों का प्रयोग करने पर जोर दिया है। सेवा प्रदाताओं के लिए प्रत्येक स्तर पर डिजिटल टेक्नोलॉजी का प्रयोग करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री योगी ने संबंधित विभागों को इसके लिए अपने स्तर से संचालित करने के लिए कहा है।

सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि 30 सितंबर तक संचालित किए जाने वाले पोषण माह के दौरान केंद्र सरकार के निर्देशानुसार, अति तीव्र कुपोषित व तीव्र कुपोषित बच्चों की पहचान और प्रबंधन की कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा, पोषण वाटिका की स्थापना, स्तनपान व ऊपरी आहार को प्रोत्साहित भी किया जाएगा।

पोषण माह को सफल बनाने के लिए इस दौरान आइसीडीएस विभाग द्वारा कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें चिह्न्ति किया जाएगा। चिह्न्ति बच्चों की समुदाय स्तर पर देखभाल के लिए पोषण पंचायत की बैठकें होंगी।

उन्होंने बताया कि इन बैठकों में कुपोषण की समस्या का समाधान खोजकर पात्र परिवारों तक सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। गर्भवती महिलाओं तथा दो वर्ष से कम आयु के बच्चों की निगरानी के लिए घर-घर भ्रमण किया जाएगा। स्तनपान और ऊपरी आहार पर परामर्श दिया जाएगा। साथ ही, अनुपूरक पोषाहार वितरित किया जाएगा। इसके अलावा पंचायतीराज विभाग के साथ मिलकर पौधरोपण व पोषण वाटिका स्थापित की जाएगी।

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