ढोढ़ी का पानी पीने को मजबूर हैं आदिवासी
कोरबा-बालकोनगर ! माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा कोरबा जनपद के बालको अंतर्गत ग्राम पंचायत बेला के अधीन ग्राम टापरा के मोहल्लो में चौपाल लगायी गयी।;
कोरबा-बालकोनगर ! माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा कोरबा जनपद के बालको अंतर्गत ग्राम पंचायत बेला के अधीन ग्राम टापरा के मोहल्लो में चौपाल लगायी गयी। टापरा ग्राम के अधीन सूअरधार, गांजेराम आदि मोहल्ला में मुख्य रूप से धनुवार जनजाति के लोग निवास करते हैं जिनकी मुख्य आजीविका बांस से टोकरी बनाकर तथा जलाऊ लकड़ी इक्कठा कर दूसरे गाँव में बेचकर आय अर्जित करना है ।
माकपा की चौपाल में पहुंचकर टापरा के लोंगो ने जो जानकारी दी वह टीम के लिए चौंकाने वाली रही। माकपा टीम ने पूरे क्षेत्र का जायजा भी लिया और पाया कि बालको से महज 6 किमी और जिला मुख्यालय से लगभग 16 किमी दूर बसे इस गाँव के लोग आज भी बुनयादी सुविधाओं से वंचित हैं। यह गाँव बरसात के दिनों में आसपास के गांव से से कटा रहता है क्योंकि नाला पर पुलिया नहीं बन पाया है। यहां के जनजाति परिवार पीने का पानी के लिए आधा किमी दूर नाला किनारे गड्ढा खोदकर व्यवस्था करते हंै। एक हैंडपंप जरूर लगा है लेकिन वह दो साल से बिगड़ा पड़ा है। एक मोहल्ले में सरपंच ने नाला किनारे बिना खुदाई करवाये कुआं की शक्ल में ईंट से घेर कर पानी का स्रोत बनाया है जिसमें मुश्किल से एक बीत्ता पानी रहता है और इसी पानी का उपयोग बस्ती के लोग करते हैं।
माकपा के जिला सचिव सपुरन कुलदीप ने बताया कि इस गाँव के आदिवासी परिवार के लोंगो के लिए रोजगार गारन्टी से काम नहीं दिया जाता। वनभूमि का पट्टा के लिए आवेदन भरवाया गया किन्तु आज तक न तो वनभूमि का और न ही आबादी पट्टा इन्हे मिल सका है। वृद्धा, निराश्रित पेंशन योजना का भी लाभ नहीं मिल रहा है । इंदिरा आवास के तहत हितग्राही को राशि देने के बजाय सरपंच और सचिव ने ही मकान निर्माण करवाया है जिसे देखने से ही बंदरबांट नजर आता है। गाँव में एक ही नाम के कारण अलग-अलग व्यक्तियों के लिए जारी राशन कार्ड को निरस्त कर दिया गया है। आंगनबाड़ी, फुलवारी की भी व्यवस्था नहीं है । माकपा नेता ने बताया कि इस तरह के विभिन्न बुनयादी समस्याओं की शिकायत प्राप्त होने पर गाँव में चौपाल लगाकर लोंगो से रोजगार, पट्टे के लिए फार्म भरवाया गया है और यहां व्याप्त समस्याओं के निराकरण के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया गया है जिसे सम्बंधित अधिकारियों को सौंपा जायेगा। माकपा के इस अभियान में किसान सभा के राज्य समिति सदस्य सुखरंजन नंदी, सोनकुवर कंवर, आर पी वायकर, सुभाष कंवर, रामसिंह, टिकैत राम आदि शामिल थे।