पत्नी, बेटे से बरामद हुए दस्तावेज : चिदंबरम

पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के वकीलों ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि आईएनएक्स मीडिया मामले में उनकी मंजूरी से संबंधित दस्तावेज उनकी पत्नी नलिनी और बेटे कार्ति चिदंबरम से प्राप्त हुए थे

Update: 2019-09-26 05:08 GMT

नई दिल्ली। पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के वकीलों ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि आईएनएक्स मीडिया मामले में उनकी मंजूरी से संबंधित दस्तावेज उनकी पत्नी नलिनी और बेटे कार्ति चिदंबरम से प्राप्त हुए थे। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत के समक्ष पेश अपने हलफनामे में चिदंबरम के वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता को कथित दस्तावेज उनके बेटे और पत्नी से बरामद हुए हैं और एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी के समक्ष प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा शुरू की गई कार्यवाही में रिलाइड अपॉन डॉक्यूमेंट्स (आरयूडी) के अंग थे।

कोर्ट ने मंगलवार को चिदंबरम से मंजूरी देने संबंधी एक हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा था, जिसका उल्लेख उनके वकील उनकी जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान कर रहे थे।

बहस के दौरान, वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, "यह पूरा भुगतान भारत को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया और यह सब एक ऐसे आरोपी के बयान पर आधारित है जो अपनी ही बेटी की हत्या के आरोप में हिरासत में है।"

उन्होंने कहा, "चिदंबरम के खिलाफ गैर-जमानती वारंट अवैध है और पूरी गिरफ्तारी अवैध वारंट के आधार पर की गई थी।"

सिंघवी ने कहा, "किसी अपराध की गंभीरता का परीक्षण करने का सबसे अच्छा तरीका सजा की अधिकता है।"

उन्होंने एजेंसी के उस बयान को खारिज कर दिया कि चिदंबरम सबूतों से छेड़छाड़ कर रहे हैं और गवाहों को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "उनके पास अपना दावा साबित करने के लिए कुछ नहीं है, ना कोई वस्तु, ना कोई कॉल, एसएमएस या टेलीफोन।"

बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई शुक्रवार के लिए निश्चित कर दी।

चिदंबरम के वकीलों ने मंगलवार को कहा था कि उनके वकील की जमानत याचिका से इंकार करने का परिणाम दोषी साबित किए बिना ही उन्हें सजा देना होगा।

शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष दाखिल अपने जवाब में जांच एजेंसी ने कहा था कि चिदंबरम ने जांच के दौरान सहयोग नहीं किया और मूल प्रश्नों के भी उत्तर नहीं दिए।

एजेंसी ने इसके बाद तर्क दिया कि रिकॉर्ड में पर्याप्त सबूत हैं जो आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री की भूमिका बताते हैं।

एजेंसी ने कहा कि अगर चिदंबरम जमानत पर रिहा हो जाते हैं, तो जांच एजेंसियों को मामले से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां नहीं मिलने देंगे।

पीटर और इंद्राणी मुखर्जी द्वारा दायर मामले में चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति आरोपी हैं। इंद्राणी की बेटी शीना बोरा की हत्या के संबंध में पीटर और इंद्राणी इस समय मुंबई में जेल में बंद हैं।

इस संबंध में चिदंबरम के खिलाफ ईडी ने भी 2017 में धन शोधन का मामला दर्ज किया था।

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