'डॉक्टरों के हितों का रखा जाएगा ध्यान'

केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) बिल के विरोध में आज हजारों डॉक्टरों ने दिल्ली के एम्स अस्पताल से संसद भवन तक पैदल मार्च किया

Update: 2018-02-07 13:20 GMT

नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) बिल के विरोध में आज हजारों डॉक्टरों ने दिल्ली के एम्स अस्पताल से संसद भवन तक पैदल मार्च किया।

वहीं विधेयकके समर्थन में रैली कर कई लोकसभा सांसदों ने इसे पारित करने का संकल्प दोहराया और कहा कि यह विधेयक गांव, देश के लिए हितकारी है।

एनएमसी बिल का विरोध कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक जब तक इस बिल के प्रवधानों में बदलाव नहीं हो जाता वह इसकी मुखालफत किसी भी हद तक जाकर करेंगे। डॉक्टरों ने अरविंद मार्ग को जाम कर दिया तो स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने देर शाम बातचीत की और भरोसा दिलाया कि डॉक्टरों के हितों की अनदेखी नहीं होगी। 

नड्डा ने भरोसा दिया कि तीन दिन में खामी वाले प्रावधानों को, ब्रिज कोर्स व एक्जिट प्रावधानों पर आपसी बातचीत से हल होगा व पोस्ट ग्रेजुएट सीटें अगले सत्र से बढ़ जाएंगी। हजारों डॉक्टर राजधानी में अपना विरोध दर्ज करवाने के लिए इस रैली में शामिल हुए। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एम्स) और सफदरजंग के रेजिडेंट डॉक्टर इस बिल का पुरजोर विरोध कर रहे हैं।  कुछ विपक्षी पार्टियों ने भी सरकार के इस नए बिल का विरोध किया है। 

एम्स और फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) के डॉक्टरों का समर्थन देते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और जब उन्हें संसद भवन जाने से रोक दिया गया तो उन्होंने वापिस एम्स के मुख्य द्वार पर आकर धरना शुरू कर दिया। मामले की सूचना स्वास्थ्य मंत्री जगतप्रकाश नड्डा तक पहुंची और उन्होंने बुलावा भेज दिया। फोर्डा के पदाधिकारियों ने बताया कि नड्डा ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात में ज्ञापन लिया और भरोसा दिया है कि जल्द ही इन मांगों पर सकारात्मक रुख से अवगत करवाएंगे।

दूसरी ओर एनएमसी विधेयक के समर्थन में रैली के दूसरे दिन मंगलवार को कई लोकसभा सांसदों ने रामलीला मैदान पहुंचकर देश भर से आए होम्योपैथिक डॉक्टरों का हौसला बढ़ाया। लोकसभा सांसदों ने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों और गांवों में रहने वाली गरीब जनता के हित में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के प्रावधान वाला एनएमसी विधेयक हर हाल में पारित कराया जाएगा क्योंकि यह समय की मांग है। 

देश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए ब्रिज कोर्स का प्रावधान हर हाल में लागू किया जाएगा। दरअसल विधेयक में प्रस्तावित ब्रिज कोर्स करने के बाद होम्योपैथिक और आयुष डॉक्टरों को एलोपैथी की प्रैक्टिस का अधिकार मिल सकेगा। ऑल इंडिया होम्योपैथिक डॉक्टर्स फेडरेशन की ओर से आयोजित हुई रैली में आए होम्योपैथिक डॉक्टरों ने कहा कि अगर मांग पूरी नहीं होती और एनएमसी बिल के तहत ब्रिज कोर्स करने के बाद होम्योपैथिक डॉक्टरों को एलौपैथी की प्रैक्टिस का मौका नहीं मिलता तो हम लोग अपे-अपने क्षेत्र के लोकसभा सांसदों के यहां धरना देंगे और आंदोलन करेंगे।

विधेयक के समर्थन में रैली के दूसरे दिन मंगलवार को कई लोकसभा सांसदों ने रामलीला मैदान पहुंचकर देश भर से आए करीब 11 हजार होम्योपैथिक डॉक्टरों का हौसला बढ़ाया।
 

रामलीला मैदान पहुंचे लोकसभा सांसदों ने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों और गांवों में रहने वाली गरीब जनता के हित में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के प्रावधान वाला एनएमसी विधेयक हर हाल में पारित कराया जाएगा क्योंकि यह समय की मांग है। देश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए ब्रिज कोर्स का प्रावधान हर हाल में लागू किया जाएगा। विधेयक में प्रस्तावित ब्रिज कोर्स करने के बाद होम्योपैथिक और आयुष डॉक्टरों को एलोपैथी की प्रैक्टिस का अधिकार मिल सकेगा।

 रैली में आए होम्योपैथिक डॉक्टरों ने कहा कि अगर मांग पूरी नहीं होती और एनएमसी बिल के तहत ब्रिज कोर्स करने के बाद होम्योपैथिक डॉक्टरों को एलौपैथी की प्रैक्टिस का मौका नहीं मिलता तो हम लोग अपने-अपने क्षेत्र के लोकसभा सांसदों के यहां धरना देंगे और आंदोलन करेंगे। होम्योपैथिक डॉक्टरों ने मांग की है कि एनएमसी विधेयक के तहत ब्रिज कोर्स करने का मौका सभी होम्योपैथिक डॉक्टरों को मिलना चाहिए।

साथ ही देश में शुरू होने वाली 15 हजार पीएचसी और सबसेंटर्स में काम करने के लिए होम्योपैथिक डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए। ऑल इंडिया होम्योपैथिक डॉक्टर्स फेडरेशन ने रामलीला मैदान में उपस्थित आयुष डॉक्टरों और ब्रिज कोर्स के समर्थन में अपनी दुकानें बंद रखने वाले होम्योपैथिक डॉक्टरों का भी आभार जताया। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) बिल दो जनवरी को संसद में पेश किया गया था। इस विधेयक में नीति आयोग की सिफारिशों के अनुसार केंद्र सरकार ने सभी आयुष डॉक्टरों के लिए एक ब्रिज कोर्स की घोषणा की थी। इस विधेयक में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) में बदलाव का भी प्रावधान है।

 

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