"मैं अपना व्रत कब तोडूंगा....!", सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पोस्ट कर दी जानकारी

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार को अपना अनशन खत्म करने का ऐलान किया है। हालांकि, उन्होंने इसके लिए तीन शर्तें रखी हैं और कहा है कि इनमें से किसी एक के पूरा होने पर ही वह भूख हड़ताल तोड़ेंगे;

By :  Deshbandhu
Update: 2026-07-20 02:29 GMT

अस्पताल से आरोप: बोले० ‘अवैध हिरासत में हूं’

  • शिक्षा सुधार बने मुद्दा: पेपर लीक और जवाबदेही पर सरकार से मांग
  • संसद मार्च का सस्पेंस: जंतर-मंतर पर जुटी भीड़, पुलिस अलर्ट

नई दिल्ली। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार को अपना अनशन खत्म करने का ऐलान किया है। हालांकि, उन्होंने इसके लिए तीन शर्तें रखी हैं और कहा है कि इनमें से किसी एक के पूरा होने पर ही वह भूख हड़ताल तोड़ेंगे।

वांगचुक की तीन शर्तें

  1. अगर सरकार हालिया शिक्षा व्यवस्था की नाकामियों, जैसे पेपर लीक, की जिम्मेदारी ले।
  2. अगर वह और CJP नेतृत्व संसद तक पहुंचें और विभिन्न दलों के सांसद उन्हें भरोसा दिलाएं कि यह मुद्दा संसद में उठेगा।
  3. अगर स्वास्थ्य कारणों से वह संसद न जा सकें, तो सांसद अस्पताल आकर उन्हें आश्वासन दें।

अस्पताल से आरोप

वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल में खुद को "अवैध हिरासत" में बताया। उनका कहना है कि अस्पताल परिसर में उनकी आवाजाही, बातचीत और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक लगी हुई है।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

वांगचुक 28 जून से CJP के आंदोलन में शामिल होकर अनशन कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय की जाए। इसमें NEET समेत कई परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं पर कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग शामिल है। साथ ही, वह लद्दाख के पर्यावरण और सांस्कृतिक संरक्षण, संवैधानिक सुरक्षा और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग भी कर रहे हैं।

संसद मार्च का सस्पेंस

CJP ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन "संसद चलो" मार्च का ऐलान किया है। जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग तिरंगा लेकर जुटे हैं और नारेबाज़ी कर रहे हैं। पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग और सुरक्षा बढ़ा दी है।

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