नेपाल में भीषण बाढ़, 160 मौतें और 844 लोग लापता; 133 भारतीय भी शामिल

नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत सीमा के पास बुधवार को आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी;

Update: 2026-08-27 01:37 GMT

नेपाल में भीषण बाढ़, 160 मौतें

  • भूकंप और ग्लेशियर फटने से आई तबाही
  • भारत ने जताई संवेदना, भेजी राहत सामग्री
  • जलविद्युत परियोजनाओं और पुलों को भारी नुकसान

काठमांडू/नई दिल्ली। नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत सीमा के पास बुधवार को आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। अब तक 160 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और करीब 844 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 133 भारतीय और 37 एनआरआई शामिल हैं। कई लापता लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे।

भारत ने जताई संवेदना और भेजी मदद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात कर संवेदना व्यक्त की और हर संभव मानवीय सहायता देने का भरोसा दिया। भारतीय वायुसेना के विमानों से राहत सामग्री भेजी जा रही है और एनडीआरएफ की टीमें तैनात करने की तैयारी है। नेपाल ने भारत का आभार जताया है।

भूकंप और ग्लेशियर फटने से आई बाढ़

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद में बताया कि तिब्बत इलाके में सुबह 8:37 बजे भूकंप आया और उसके कुछ मिनट बाद अचानक बाढ़ आई। विशेषज्ञों का मानना है कि भूकंप के झटकों से हिमनद फट गया और नदी में बर्फ व चट्टानों के खिसकने से मलबे वाली बाढ़ आई।

सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके

भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के किनारे बसे रसुवा और धादिंग जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। बाढ़ का असर नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी जिलों तक फैल गया। राजधानी काठमांडू से 70 से 200 किलोमीटर दूर तक के इलाके प्रभावित हैं।

बचाव अभियान जारी

प्रधानमंत्री शाह की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक के बाद नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस को राहत कार्यों में लगाया गया है। सेना ने 12 हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं और अब तक 100 से अधिक लोगों को बचाया गया है। त्रिशूली में आपात चिकित्सा केंद्र भी बनाया गया है।

भारतीयों के लिए हेल्पलाइन नंबर

काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने प्रभावित भारतीयों के लिए आपात हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:

  • +977 985 131 6807
  • +977 970 910 7500

बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास का नंबर: 0086 185 1428 4905

बिजली परियोजनाओं और पुलों को नुकसान

बाढ़ से नुवाकोट और रसुवा जिलों में आठ चालू और पांच निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। कुल 354 मेगावाट क्षमता वाली परियोजनाओं पर असर पड़ा है। नेपाल सरकार ने बताया कि 19 पुल बह गए हैं और कई सड़कें टूट गई हैं।

भारत में अलर्ट

नेपाल की बाढ़ का असर भारत तक पहुंचने की आशंका है। बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। यूपी के महाराजगंज और कुशीनगर में निगरानी बढ़ा दी गई है। बिहार के छह जिलों में एनडीआरएफ की 20 टीमें तैनात की गई हैं।

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