राहुल की हुंकार, लोकतांत्रिक आवाज दबेगी नहीं
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और INDIA गठबंधन का विरोध प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा;
CEC विवाद पर कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, 8 अक्टूबर को देशभर में आंदोलन
- हिरासत के बाद और आक्रामक हुई कांग्रेस
- ‘लोकतंत्र बचाने की लड़ाई’ कांग्रेस ने छेड़ा नया अभियान
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और INDIA गठबंधन का विरोध प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें चुनाव आयोग तक पहुंचकर अपनी बात रखने नहीं दिया गया। इसी मुद्दे पर कांग्रेस ने अब 8 अक्टूबर को देशभर में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी
बुधवार को विपक्षी सांसदों ने रणनीति बैठक के बाद जंतर-मंतर की ओर मार्च शुरू किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष जनता के सामने अपनी बात रखेगा और बताएगा कि सांसदों को चुनाव आयोग तक जाने से क्यों रोका गया।
राहुल गांधी ने दावा किया कि विपक्षी सांसद चुनाव आयुक्तों से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली। उन्होंने कहा कि विरोध के बावजूद उनका अभियान जारी रहेगा।
दूसरे दिन भी सड़कों पर उतरा विपक्ष
इससे पहले मंगलवार को भी राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी नेताओं ने राजधानी में धरना दिया था। प्रदर्शन कई घंटों तक चला, जिसके बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया था। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
बुधवार को भी विपक्षी नेताओं ने जनपथ से जंतर-मंतर तक मार्च निकालने की कोशिश की। रास्ते में कई जगह पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव
मार्च के दौरान पुलिस ने कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति भी देखने को मिली। विपक्षी दलों का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की गई।
राजद सांसद मनोज कुमार झा सहित कई नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना की और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश बताया।
प्रियंका गांधी ने लगाए आरोप
प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है। प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी संविधान की प्रति हाथ में लिए भी दिखाई दीं।
राहुल गांधी को हिरासत में लेकर छोड़ा गया
मार्च के दौरान राहुल गांधी और अन्य नेताओं को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाता।
8 अक्टूबर को देशभर में प्रदर्शन
कांग्रेस ने घोषणा की है कि चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच 8 अक्टूबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि यह मुद्दा केवल एक राजनीतिक दल का नहीं बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही से जुड़ा हुआ है।
राहुल का संदेश
रिहा होने के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर INDIA गठबंधन के सांसदों और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि विरोध मार्च को रोका जा सकता है, लेकिन लोकतांत्रिक आवाज और लोगों की इच्छाशक्ति को दबाया नहीं जा सकता।
I am thankful to every INDIA alliance MP standing firm in defence of our democracy - in Parliament, outside on the streets, and today near Jantar Mantar.
They can stop a march. They can refuse a meeting. But they cannot stop the will of our people.
Narendra Modi, Amit Shah, Gyanesh Kumar and the entire system will be brought to justice.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 7, 2026
उनके मुताबिक विपक्ष अपना अभियान आगे भी जारी रखेगा और मुद्दों को जनता के बीच उठाता रहेगा।